बिटिया के परिजनों के बयान आज होंगे कोर्ट में रिकॉर्ड, सीबीआई ने दर्ज की एफआईआर
हाथरस की बिटिया से हैवानियत के मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ के समक्ष आज कड़ी सुरक्षा के बीच पीड़िता के परिजन लाए जाएंगे, जहां उनके बयान दर्ज किए जाएंगे। माना जा रहा है कि अदालत में ये बयान व्यक्तिगत रूप से रिकॉर्ड कराए जाएंगे। वहीं, जांच की कमान अपने हाथ में लेने वाली सीबीआई ने रविवार को इस मामले में एक आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। सीबीआई की गाजियाबाद शाखा ने पीड़िता के भाई की ओर से हाथरस के चंदपा में दर्ज एफआईआर के ही आधार पर जांच शुरू कर दी है। उसी एफआईआर को सीबीआई ने अपने यहां दर्ज किया है।
मामले में स्वत: संज्ञान लेते हुए हाईकोर्ट ने शीर्ष अधिकारियों के अलावा डीएम और एसपी को भी तलब किया है। इस मामले की सुनवाई दोपहर 2:15 बजे जस्टिस पंकज मित्तल और जस्टिस राजन रॉय की पीठ के समक्ष शुरू होगी। जिला जज को पीड़िता के परिवारवालों की हाईकोर्ट में पेशी सुनिश्चित करने को कहा गया था। इसके अलावा अपर मुख्य सचिव गृह, पुलिस महानिदेशक, एडीजी कानून-व्यवस्था के साथ-साथ हाथरस के जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक को मामले की जांच से संबंधित स्टेटस रिपोर्ट के साथ पेश होने को कहा था। राज्य सरकार ने बताया है कि अतिरिक्त महाधिवक्ता वीके साही कोर्ट के समक्ष पेश होंगे।
पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल ने बताया कि पीड़िता के परिवार को कोर्ट के समक्ष पेश होने के लिए जिला जज को नोडल अफसर बनाया गया है। पुलिस के मुताबिक, परिवार की सुरक्षा के लिए उनके घर पर 66 सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं और आठ सीसीटीवी कैमरे भी लगाए गए हैं, जिनसे 24 घंटे नजर रखी जा रही है। घर में जाने वालों के नाम आगंतुक रजिस्टर में दर्ज किए जा रहे हैं।
परिवार ने खतरे की जताई आशंका, कहा-सुबह जाएंगे लखनऊ
इससे पहले पीड़िता के परिवार वाले सुबह से ही यह उम्मीद लगाए बैठे थे कि रविवार को ही अधिकारी उन्हें लखनऊ ले जाएंगे। कोई अधिकारी सुबह इस सिलसिले में उनसे मिलने नहीं पहुंचा। दोपहर बाद जब पुलिस अधिकारियों ने उनसे यह कहा कि वह अब लखनऊ चलें तो परिवार वालों ने स्पष्ट रूप से मना कर दिया कि रात में खतरे को देखते हुए वे नहीं जाएंगे। ऐसे में यह तय हुआ कि अब सोमवार सुबह ही पुलिस की कड़ी सुरक्षा के बीच उन्हें लखनऊ ले जाया जाएगा।
एसीबी गाजियाबाद में दर्ज हुआ मामला, डीएसपी सीमा पाहूजा होंगी जांच अधिकारी
उत्तर प्रदेश सरकार के आग्रह और केंद्र सरकार की अधिसूचना पर एफआईआर दर्ज करने के बाद सीबीआई ने मामले की कमान जांच अधिकारी (आईओ) एसीबी गाजियाबाद की डीएसपी सीमा पाहूजा को दी है। एजेंसी ने जांच के लिए एक टीम गठित की है। सीबीआई के अनुसार, पुलिस की एफआईआर में पीड़िता के भाई ने आरोप लगाया कि 14 सितंबर 2020 को आरोपी ने बाजरे के खेत में उनकी बहन का गला दबाकर मारने की कोशिश की। आईपीसी की संबंधित धाराओं और एससी/एसटी (अत्याचार निवारण अधिनियम, 1989) के तहत एसीबी गाजियाबाद में रविवार को मामला दर्ज किया गया।
एफआईआर के अनुसार, संदिग्ध अपराध दुष्कर्म, हत्या की कोशिश और सामूहिक दुष्कर्म का है। हाथरस में 14 सितंबर को 19 वर्षीय दलित लड़की से कथित सामूहिक दुष्कर्म किया गया और उसका गला दबाकर हत्या की कोशिश की गई। गंभीर हालत में उसे दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां 29 सितंबर को उसकी मौत हो गई। हाथरस पुलिस और प्रशासन ने बिना परिवार की रजामंदी और मौजूदगी के देर रात उसका गांव में ही अंतिम संस्कार कर दिया। सीबीआई सेे पहले जांच के लिए सरकार ने एसआईटी भी गठित की थी।