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रिवर फ्रंट घोटाले के आरोपियों की रिमांड बढ़ी, कमीशन की बंदरबांट की तह तक पहुंचने की कोशिश

Wed, 25 Nov 2020 11:26 PM IST
पंकज श्रीवास्‍तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: पंकज श्रीवास्‍तव Updated Wed, 25 Nov 2020 11:26 PM IST
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The remand of the accused of the River Front scam increased, the commission tried to get to the bottom of Bandarbant
गोमती रिवर फ्रंट - फोटो : amar ujala
सीबीआई गोमती रिवर फ्रंट घोटाले में गिरफ्तार दोनों अभियुक्तों की चार दिन की रिमांड और हासिल कर ली है। सीबीआई आरोप के घेरे में आए अभियन्ताओं से घोटाले में बतौर कमीशन ली गई तकरीबन सौ करोड़ से अधिक की रकम की बंदरबांट के बारे में जानकारी हासिल मकरने की कोशिश कर रही है। दोनों अभियुक्तों से अब 28 मई की शाम तक पूछताछ होगी।
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इससे पहले सीबीआई को दोनों आरोपियों की चार दिन की रिमांड मिली थी जो मंगलवार शाम को समाप्त हो गई। इस पर सीबीआई कोर्ट से विवेचना हित में आरोपियों की रिमांड अवधि बढ़ाए जाने की गुजारिश की थी। कोर्ट ने सीबीआई की यह दलील स्वीकार करते हुए रिमांड की अवधि बढ़ाने की मंजूरी दे दी कि घोटाले में दोनों अभियुक्तों रूप सिंह यादव और राजकुमार की अहम भूमिका है और दोनों से अभी उसे कई अन्य बिन्दुओं पर पूछताछ करनी है।
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सीबीआई ने अदालत में तर्क दिया था कि घोटाले के समय सिंचाई विभाग में अधीक्षण अभियंता रहे रूप सिंह यादव की इस परियोजना के क्रियान्वयन में बड़ी जिम्मेदारी निभा रहे थे और उनसे घोटाले को लेकर अहम सवाल पूछे जाने हैं। मालूम हो कि वर्ष 2014-15 में बनी इस परियोजना के लिए पहले 656 करोड़ रुपये आवंटित किए गए थे, जिसे बाद में बढ़ाकर 1513 करोड़ रुपये कर दिया गया था। मालमा तब चर्चा में आया जब यह आरोप लगा कि 95 फीसदी बजट खर्च हो जाने के बाद भी 60 फीसदी काम ही पूरा हो पाया।
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सीबीआई के सूत्र बताते हैं कि इस मामले में आरोपी आठ अभियंताओं पर कमीशन में सौ करोड़ से अधिक के वारे न्यारे किए जाने के साक्ष्य सामने आए हैं। पूर्व में प्रवर्तन निदेशालय ने भी अपनी जाँच में इसका खुलासा किया था। सीबीआई अब आरोपियों से पूछताछ कर कमीशन की रकम के निवेश की जानकारी हासिल करने की कोशिश कर रही है। पिछले चार दिनों में हुई पूछताछ में सीबीआई ने आरोपियों से ठेकेदारों को भुगतान के बारे में सवाल पूछे। आना जा रहा ही आरोपियों का ठेकेदारों से आमना-सामना भी कराया जा सकता है। घोटाले में नामजद कुल आठ अभियुक्तों में से सीबीआई ने सबसे पहले इन्हीं दोनों अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है।
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