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Lucknow News: आंत से बना दिया बच्चेदानी का रास्ता

Wed, 02 Oct 2024 05:52 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Wed, 02 Oct 2024 05:52 AM IST
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The path to the uterus was made through the intestine.
लखनऊ। केजीएमयू के स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग (क्वीन मेरी अस्पताल) में डॉक्टरों ने दुर्लभ व जटिल सर्जरी कर बाराबंकी की 17 वर्षीय किशोरी की आंत से बच्चेदानी का रास्ता बना दिया। जन्मजात विकार से उसकी योनि, गर्भाशय ग्रीवा अविकसित थी। इससे माहवारी नहीं आ रही थी। सर्जरी के बाद किशोरी को माहवारी आने लगी है और वह अब मां बनने में सक्षम है।
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केजीएमयू के प्रवक्ता प्रो. सुधीर सिंह ने बताया कि चार साल पहले किशोरी को पेट में दर्द की शिकायत हुई। पीरियड भी नहीं आ रहे थे। स्थानीय डॉक्टरों ने बच्चेदानी के मुंह का रास्ता न बना होने की बात कही। इससे माहवारी नहीं आ रही थी। वहीं, माहवारी का गंदा खून पेट में जमा होकर संक्रमण पैदा कर रहा था, जिससे तेज दर्द हो रहा था।
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सर्जरी के बाद किशोरी को कुछ दिन तक सामान्य माहवारी हुई। इसके बाद दोबारा समस्या शुरू हो गई। डॉक्टरों ने बताया कि बच्चेदानी का मुंह सिकुड़ गया है। चार बार सर्जरी के बाद भी समस्या बनी रही। इस पर डॉक्टरों ने केजीएमयू जाने की सलाह दी।
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क्वीन मेरी में डॉ. सीमा मेहरोत्रा की निगरानी में इलाज शुरू हुआ। शुरुआत में बच्चेदानी निकालने की सलाह दी गई, जिस पर घरवाले तैयार नहीं हुए। फिर पीडियाट्रिक सर्जरी विभाग के प्रो. एसएन कुरील की सलाह पर बड़ी आंत के माध्यम से बच्चेदानी का रास्ता बनाने की योजना तैयार की गई। बताया कि वैजिनल कोशिकाओं के लिए बड़ी आंत को प्राथमिकता दी जाती है, क्योंकि ये इन कोशिकाओं के समान होती है।

डॉ. एसपी जयसवार ने बताया कि गर्भाशय ग्रीवा के एट्रेसिया (जन्मजात विकार जिसमें योनि, गर्भाशय ग्रीवा अविकसित होती है) को सिग्माइड वैजिनोप्लेस्टी (आंत से योनि का रास्ता) बनाकर सही किया गया। स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग की अध्यक्ष डॉ. अंजू अग्रवाल ने बताया कि करीब पांच हजार में से किसी एक को यह समस्या हो सकती है।




इन डॉक्टरों ने की सर्जरी



डॉ. एसपी जयसवार, डॉ. सीमा महरोत्रा, डॉ. पीएल शंखवार और डॉ. मंजूलता वर्मा। एनेस्थीसिया विभाग के डॉ. एहसान सिद्दीकी, डॉ. श्रुति, डॉ. ख्याति और सिस्टर ममता। बाल चिकित्सा सर्जरी विभाग के डॉ. एसएन कुरील ने सर्जरी को सफल बनाया ।
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