{"_id":"6976720c0d7665b39603718e","slug":"the-mother-of-the-daughter-who-was-the-victim-of-the-accident-will-have-to-bear-the-medical-expenses-along-with-the-insurance-amount-lucknow-news-c-13-lko1096-1576114-2026-01-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lucknow News: हादसे की शिकार बेटी की मां को बीमा राशि के साथ देना होगा इलाज का खर्च","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Lucknow News: हादसे की शिकार बेटी की मां को बीमा राशि के साथ देना होगा इलाज का खर्च
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर।
लखनऊ। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग द्वितीय ने बहराइच की 73 वर्षीय आबिदा खातून के पक्ष में फैसला सुनाया है। न्यायालय ने हजरतगंज स्थित दि न्यू इंडिया इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड को आदेश दिया है कि वह उन्हें क्लेम के 5.25 लाख रुपये का भुगतान निर्णय की तारीख से 30 दिन के भीतर करे। इसके अतिरिक्त, कंपनी को 14 जून 2019 से प्रति सप्ताह एक हजार रुपये का जुर्माना भी देना होगा। परिवादिनी को वाद व्यय और मानसिक कष्ट के लिए 15 हजार रुपये अतिरिक्त भुगतान करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
आबिदा खातून की बेटी आसिया खातून 25 नवंबर 2016 को सड़क हादसे में 90 फीसदी दिव्यांग हो गई थीं। वह सामूहिक बीमा योजना के तहत बीमित थीं। आबिदा खातून ने क्लेम के लिए बीमा कंपनी में आवेदन किया, लेकिन कंपनी ने दावा प्राप्त न होने की बात कही थी।
सुनवाई के दौरान आयोग ने पाया कि आबिदा खातून की ओर से दावा और संबंधित चिकित्सा अधिकारी का प्रमाणपत्र जमा किया गया था। 90 फीसदी दिव्यांगता की स्थिति में बीमा राशि का पूरा भुगतान करने का प्रावधान है। आयोग के अध्यक्ष अमरजीत त्रिपाठी ने 30 दिसंबर 2025 को सुनाए गए आदेश में स्पष्ट किया कि बीमा कंपनी को बीमा की पूरी राशि, इलाज पर हुए खर्च सहित 5.25 लाख रुपये का भुगतान निर्णय की तिथि से 30 दिन के भीतर करना होगा। साथ ही, 14 जून 2019 से प्रति सप्ताह एक हजार रुपये के जुर्माने का भी भुगतान करना होगा। वाद व्यय के लिए पांच हजार और मानसिक कष्ट के लिए 10 हजार रुपये का अतिरिक्त भुगतान भी कंपनी को करना होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
आबिदा खातून की बेटी आसिया खातून 25 नवंबर 2016 को सड़क हादसे में 90 फीसदी दिव्यांग हो गई थीं। वह सामूहिक बीमा योजना के तहत बीमित थीं। आबिदा खातून ने क्लेम के लिए बीमा कंपनी में आवेदन किया, लेकिन कंपनी ने दावा प्राप्त न होने की बात कही थी।
विज्ञापन
सुनवाई के दौरान आयोग ने पाया कि आबिदा खातून की ओर से दावा और संबंधित चिकित्सा अधिकारी का प्रमाणपत्र जमा किया गया था। 90 फीसदी दिव्यांगता की स्थिति में बीमा राशि का पूरा भुगतान करने का प्रावधान है। आयोग के अध्यक्ष अमरजीत त्रिपाठी ने 30 दिसंबर 2025 को सुनाए गए आदेश में स्पष्ट किया कि बीमा कंपनी को बीमा की पूरी राशि, इलाज पर हुए खर्च सहित 5.25 लाख रुपये का भुगतान निर्णय की तिथि से 30 दिन के भीतर करना होगा। साथ ही, 14 जून 2019 से प्रति सप्ताह एक हजार रुपये के जुर्माने का भी भुगतान करना होगा। वाद व्यय के लिए पांच हजार और मानसिक कष्ट के लिए 10 हजार रुपये का अतिरिक्त भुगतान भी कंपनी को करना होगा।
विज्ञापन