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Lucknow News: हाईकोर्ट ने राजधानी के छह स्कूलों से पूछा- यातायात व्यवस्था सुधार के लिए क्या कदम उठाए हैं?
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हाईकोर्ट।
लखनऊ। हाईकोर्ट ने राजधानी के नामचीन स्कूलों के बाहर लगने वाले भीषण जाम पर कड़ा रुख अपनाया है। कोर्ट के आदेशों और सुझावों के बावजूद यातायात व्यवस्था में सहयोग न करने पर अदालत ने छह स्कूलों ला मार्टिनियर गर्ल्स कॉलेज, हजरतगंज, लोरेटो कॉन्वेंट, गौतमपल्लीए सीएमस विशाल खंड, गोमतीनगर एक्सटेंशन और स्टेशन रोड, सेठ एमआर जयपुरिया स्कूल, गोमतीनगर को मामले में पक्षकार बनाते हुए नोटिस जारी किया है और इन स्कूलों के प्रधानाचार्यों या प्रशासनिक अधिकारियों को 19 जनवरी को व्यक्तिगत रूप से पेश होने का निर्देश दिया है।
न्यायमूर्ति आलोक माथुर और न्यायमूर्ति बृजराज सिंह की खंडपीठ ने कहा कि इन शैक्षणिक संस्थानों को स्वयं यातायात सुधारने और सुझाव देने का अंतिम अवसर दिया जा रहा है। यदि स्कूल इसमें विफल रहते हैं, तो अदालत कड़े निर्देश पारित करने पर विचार करेगी। कोर्ट ने स्कूलों से पूछा है कि उन्होंने अपने परिसर और आसपास की सड़कों पर ट्रैफिक सुचारू करने के लिए अब तक क्या ठोस कदम उठाए हैं।
यह आदेश गोमती रिवर बैंक रेजीडेंट्स की वर्ष 2020 में दाखिल एक जनहित याचिका पर आया है। याचिका में स्कूलों की छुट्टी और प्रवेश के समय सड़कों पर लगने वाले घंटों के जाम और सुरक्षा संबंधी मुद्दों को उठाया गया था।
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बीते 15 दिसंबर को न्यायमित्र अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया था कि उक्त स्कूल प्रशासन यातायात व्यवस्था को लेकर न तो अधिकारियों का सहयोग कर रहे हैं और न ही कोर्ट के निर्देशों का पालन कर रहे हैं। इसका सीधा खामियाजा आम जनता को सड़क पर घंटों फंसकर भुगतना पड़ रहा है। इसी शिकायत का संज्ञान लेते हुए कोर्ट ने अब अगली सुनवाई की तिथि 19 जनवरी तय की है।
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न्यायमूर्ति आलोक माथुर और न्यायमूर्ति बृजराज सिंह की खंडपीठ ने कहा कि इन शैक्षणिक संस्थानों को स्वयं यातायात सुधारने और सुझाव देने का अंतिम अवसर दिया जा रहा है। यदि स्कूल इसमें विफल रहते हैं, तो अदालत कड़े निर्देश पारित करने पर विचार करेगी। कोर्ट ने स्कूलों से पूछा है कि उन्होंने अपने परिसर और आसपास की सड़कों पर ट्रैफिक सुचारू करने के लिए अब तक क्या ठोस कदम उठाए हैं।
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यह आदेश गोमती रिवर बैंक रेजीडेंट्स की वर्ष 2020 में दाखिल एक जनहित याचिका पर आया है। याचिका में स्कूलों की छुट्टी और प्रवेश के समय सड़कों पर लगने वाले घंटों के जाम और सुरक्षा संबंधी मुद्दों को उठाया गया था।
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बीते 15 दिसंबर को न्यायमित्र अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया था कि उक्त स्कूल प्रशासन यातायात व्यवस्था को लेकर न तो अधिकारियों का सहयोग कर रहे हैं और न ही कोर्ट के निर्देशों का पालन कर रहे हैं। इसका सीधा खामियाजा आम जनता को सड़क पर घंटों फंसकर भुगतना पड़ रहा है। इसी शिकायत का संज्ञान लेते हुए कोर्ट ने अब अगली सुनवाई की तिथि 19 जनवरी तय की है।