{"_id":"6a651af22d935f7506082db2","slug":"the-game-of-selling-agricultural-land-using-fake-identity-former-head-and-six-others-named-lucknow-news-c-13-lko1096-1845387-2026-07-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lucknow News: फर्जी पहचान से कृषि भूमि बेचने का खेल, पूर्व प्रधान व छह अन्य नामजद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Lucknow News: फर्जी पहचान से कृषि भूमि बेचने का खेल, पूर्व प्रधान व छह अन्य नामजद
Sun, 26 Jul 2026 01:52 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Sun, 26 Jul 2026 01:52 AM IST
विज्ञापन
मोहनलालगंज। ग्राम सिसेंडी में फर्जी पहचान और कूटरचित दस्तावेज के सहारे कृषि भूमि बेचने का मामला सामने आया है। मोहनलालगंज पुलिस ने शिकायत पर पूर्व ग्राम प्रधान समेत सात नामजद और एक अज्ञात व्यक्ति पर रिपोर्ट दर्ज की है। आरोप है कि राजस्व अभिलेखों में दर्ज वास्तविक भूमि स्वामी की जगह फर्जी व्यक्ति को खड़ा कर जमीन की रजिस्ट्री कराई गई।
सिसेंडी निवासी आशीष कुमार गुप्ता के अनुसार, गांव की कई कृषि भूमि सुरेश कुमार के नाम दर्ज है। इसी भूमि के कुछ हिस्सों को फर्जी व्यक्ति के माध्यम से दूसरे लोगों के नाम बेचा गया। 20 नवंबर 2024 और 27 फरवरी 2026 को भूमि के विक्रय विलेख निष्पादित किए गए। रजिस्ट्री के दौरान विक्रेता ने खुद को सुरेश कुमार बताकर फर्जी आधार कार्ड और अन्य दस्तावेज प्रस्तुत किए। शिकायतकर्ता ने बताया कि रजिस्ट्री कराने वाला व्यक्ति वास्तविक सुरेश कुमार नहीं है।
पुलिस ने पूर्व प्रधान राजेश कुमार जायसवाल, उसके बेटे अमन जायसवाल, सन्नो खान, मो. इजहार खान, वीरेंद्र वर्मा, सुनील कुमार, वासु शुक्ला और अज्ञात व्यक्ति को आरोपी बनाया है। इन सभी पर मिलीभगत कर फर्जी दस्तावेज तैयार करने और वास्तविक भूमि स्वामित्व को प्रभावित करने का आरोप है। पुलिस अब रजिस्ट्री कार्यालय के अभिलेखों, आधार कार्ड और राजस्व रिकॉर्ड की जांच कर रही है। इंस्पेक्टर रामबाबू सिंह के मुताबिक, पूर्व प्रधान राजेश कुमार जायसवाल के खिलाफ 13 एफआईआर पहले से दर्ज हैं। जांच में सामने आने वाले साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
सिसेंडी निवासी आशीष कुमार गुप्ता के अनुसार, गांव की कई कृषि भूमि सुरेश कुमार के नाम दर्ज है। इसी भूमि के कुछ हिस्सों को फर्जी व्यक्ति के माध्यम से दूसरे लोगों के नाम बेचा गया। 20 नवंबर 2024 और 27 फरवरी 2026 को भूमि के विक्रय विलेख निष्पादित किए गए। रजिस्ट्री के दौरान विक्रेता ने खुद को सुरेश कुमार बताकर फर्जी आधार कार्ड और अन्य दस्तावेज प्रस्तुत किए। शिकायतकर्ता ने बताया कि रजिस्ट्री कराने वाला व्यक्ति वास्तविक सुरेश कुमार नहीं है।
विज्ञापन
पुलिस ने पूर्व प्रधान राजेश कुमार जायसवाल, उसके बेटे अमन जायसवाल, सन्नो खान, मो. इजहार खान, वीरेंद्र वर्मा, सुनील कुमार, वासु शुक्ला और अज्ञात व्यक्ति को आरोपी बनाया है। इन सभी पर मिलीभगत कर फर्जी दस्तावेज तैयार करने और वास्तविक भूमि स्वामित्व को प्रभावित करने का आरोप है। पुलिस अब रजिस्ट्री कार्यालय के अभिलेखों, आधार कार्ड और राजस्व रिकॉर्ड की जांच कर रही है। इंस्पेक्टर रामबाबू सिंह के मुताबिक, पूर्व प्रधान राजेश कुमार जायसवाल के खिलाफ 13 एफआईआर पहले से दर्ज हैं। जांच में सामने आने वाले साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन