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Lucknow News: इस कदर झुलसा चेहरा कि पहचानना था मुश्किल
Fri, 08 Nov 2024 01:39 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Fri, 08 Nov 2024 01:39 AM IST
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रायबरेली। रायबरेली-फतेहपुर हाईवे पर दो ट्रकों की भिड़ंत से लगी आग में चालक व परिचालक के जिंदा जलने की सूचना पर चालक का बड़ा भाई अनिल कुमार शुक्ला मौके पर पहुंच गया। भाई विनय कुमार शुक्ला का शव देखकर दहाड़े मारकर रो पड़ा। बताया कि भाई इस कदर झुलस गया था कि उसका चेहरा पहचान में नहीं आ रहा था।
उन्होंने कहा कि वे मेहनत मजदूरी कर परिवार चलाते हैं। काफी समय से विनय कुमार शुक्ला (36) ट्रक चला रहा था। बांदा निकलने से पहले उसने फोन करके हमसे बात की थी। कहा था कि भइया जल्द घर लौट आएंगे। अक्सर वह ट्रक लेकर बाहर जाया करता था और घर लौट आता था। कभी ऐसा नहीं हुआ कि वह घर लौटकर न आए। मुझे यकीन ही नहीं हो रहा है कि उसका छोटा भाई उससे दूर हो गया है। मामले की जांच होनी चाहिए।
अनिल ने बताया कि फतेहपुर में भाई के शव का पोस्टमार्टम हो रहा है। पोस्टमार्टम के बाद शव घर आएगा। रायबरेली-फतेहपुर जिले की सीमा पर बुधवार रात हुए दर्दनाक हादसे में अमेठी जिले के शिवरतनगंज थाना क्षेत्र के खरावां गांव निवासी विनय और शिवरतनगंज थाना क्षेत्र के ही टिकवा मजरे सहबापुर गांव निवासी एवं क्लीनर रामराज (28) की मौत से हर कोई हतप्रद और गमगीन है।
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गूंजी चीखें तो दौड़ पड़े लोग, छा गया सन्नाटा
विनय की मौत की खबर गांव पहुंची तो परिवार की चीखें गूंजने लगी। अचानक गांव में रोने बिलखने की खबर लगते ही गांव में सन्नाटा पसर गया। हर कोई गांव पहुंचकर जानने लगा कि आखिर क्या हो गया। जिसे भी पता चलता कि विनय की हादसे में जान चली गई वह गमगीन हो जाता।
मृतक अपने पीछे पत्नी के अलावा बड़ी बेटी शुभि (6) और बेटे बेटे अयंश (5), देवा (3) को छोड़ गया है। बेटी की मौत से मां निर्मला शुक्ला और पिता राधेश्याम भी गमगीन हैं। परिजन ही नहीं, बल्कि ग्रामीण घटना से गमजदा दिख रहे हैं।
रामराज की मौत से मातम में तब्दील खुशियां
हादसे में अमेठी जिले के शिवरतनगंज थाना क्षेत्र के ही टिकवा मजरे सहबापुर गांव निवासी एवं क्लीनर रामराज (28) की मौत की खबर से भी गांव का माहौल मातम में तब्दील हो गया है। नाते-रिश्तेदारों व आसपास के लोगों का घर पर आना जाना लगा है। मृतक रामराज भी काफी समय से मृतक विनय के साथ रहकर काम करता था। दोनों एक दोस्त की तरह रहते थे। रामराज की मौत से परिजनों के आंसू नहीं थम रहे हैं।
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उन्होंने कहा कि वे मेहनत मजदूरी कर परिवार चलाते हैं। काफी समय से विनय कुमार शुक्ला (36) ट्रक चला रहा था। बांदा निकलने से पहले उसने फोन करके हमसे बात की थी। कहा था कि भइया जल्द घर लौट आएंगे। अक्सर वह ट्रक लेकर बाहर जाया करता था और घर लौट आता था। कभी ऐसा नहीं हुआ कि वह घर लौटकर न आए। मुझे यकीन ही नहीं हो रहा है कि उसका छोटा भाई उससे दूर हो गया है। मामले की जांच होनी चाहिए।
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अनिल ने बताया कि फतेहपुर में भाई के शव का पोस्टमार्टम हो रहा है। पोस्टमार्टम के बाद शव घर आएगा। रायबरेली-फतेहपुर जिले की सीमा पर बुधवार रात हुए दर्दनाक हादसे में अमेठी जिले के शिवरतनगंज थाना क्षेत्र के खरावां गांव निवासी विनय और शिवरतनगंज थाना क्षेत्र के ही टिकवा मजरे सहबापुर गांव निवासी एवं क्लीनर रामराज (28) की मौत से हर कोई हतप्रद और गमगीन है।
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गूंजी चीखें तो दौड़ पड़े लोग, छा गया सन्नाटा
विनय की मौत की खबर गांव पहुंची तो परिवार की चीखें गूंजने लगी। अचानक गांव में रोने बिलखने की खबर लगते ही गांव में सन्नाटा पसर गया। हर कोई गांव पहुंचकर जानने लगा कि आखिर क्या हो गया। जिसे भी पता चलता कि विनय की हादसे में जान चली गई वह गमगीन हो जाता।
मृतक अपने पीछे पत्नी के अलावा बड़ी बेटी शुभि (6) और बेटे बेटे अयंश (5), देवा (3) को छोड़ गया है। बेटी की मौत से मां निर्मला शुक्ला और पिता राधेश्याम भी गमगीन हैं। परिजन ही नहीं, बल्कि ग्रामीण घटना से गमजदा दिख रहे हैं।
रामराज की मौत से मातम में तब्दील खुशियां
हादसे में अमेठी जिले के शिवरतनगंज थाना क्षेत्र के ही टिकवा मजरे सहबापुर गांव निवासी एवं क्लीनर रामराज (28) की मौत की खबर से भी गांव का माहौल मातम में तब्दील हो गया है। नाते-रिश्तेदारों व आसपास के लोगों का घर पर आना जाना लगा है। मृतक रामराज भी काफी समय से मृतक विनय के साथ रहकर काम करता था। दोनों एक दोस्त की तरह रहते थे। रामराज की मौत से परिजनों के आंसू नहीं थम रहे हैं।