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Lucknow News: किशोर कुमार के नगमों से गुलजार हुई शाम
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रवींद्रालय में कार्यक्रम के दौरान गीत पेश करते कलाकार।
लखनऊ। रंगभारती संस्था की ओर से चारबाग स्थित रवींद्रालय प्रेक्षागृह में सोमवार शाम मशहूर गायक स्वर्गीय किशोर कुमार की 96वीं जयंती धूमधाम से मनाई गई। ‘एक शाम किशोर कुमार के नाम’ कार्यक्रम में गायकों ने किशोर कुमार के नगमों से शाम को रूमानी कर दिया।
रंगभारती के संस्थापक श्याम कुमार ने बताया कि संस्था किशोर कुमार के जन्मदिवस पर वर्ष 1957 से यह आयोजन करती आ रही है। समाजसेवी व व्यवसायी सुधीर हलवासिया ने कहा, किशोर कुमार ऐसे अद्भुत गायक कलाकार थे, जिनकी श्रेष्ठता जगजाहिर रही।
कार्यक्रम में किशोर कुमार के गीतों ऐसे न मुझे तुम देखो..., तुम साथ हो जब अपने... और लेकर हम दीवाना दिल...जैसे गीतों को जमाल ने सुरों से सजाया। गायक कृष्ण कुमार ने जिंदगी की यही रीत है..., ओ मनचली कहां चली..., देखो वीर जवानों... जैसे गीतों की प्रस्तुति दी। रूपा तिवारी ने मेरे नैना सावन भादो... विजय थापा ने सारेगामापा...। आशीष ने हां पहली बार...। जमाल और स्मृति ने कह दूं तुम्हें या चुप रहूं..., सीएटी कैट, कैट माने बिल्ली... गीत सुनाए। कृष्ण कुमार और रूपा ने चल दरिया में डूब जाएं... अशोक व कृष्ण कुमार ने एक दिन मिट जाएगा माटी के मोल..., जमाल, कृष्ण कुमार व रूपा ने रिमझिम गिरे सावन... जैसे गीतों को अपनी आवाज से संवारा। सभी कलाकारों ने चलते चलते मेरे ये गीत याद रखना... से समापन किया। सुनील शान ने संचालन किया। हास्य कलाकार अमित बिहारी ने ठहाके लगवाए।
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रवि सारस्वत को किया सम्मानित
हास्य कलाकार स्व. रफीक बावरा के नाम पर दिए जाने वाले ‘रफीक बावरा रंगभारती सम्मान’ से हास्य कलाकार रवि सारस्वत को सम्मानित किया गया। रंगभारती के अध्यक्ष श्याम कुमार ने किशोर कुमार की गायिकी की बारीकियां बताईं।
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रंगभारती के संस्थापक श्याम कुमार ने बताया कि संस्था किशोर कुमार के जन्मदिवस पर वर्ष 1957 से यह आयोजन करती आ रही है। समाजसेवी व व्यवसायी सुधीर हलवासिया ने कहा, किशोर कुमार ऐसे अद्भुत गायक कलाकार थे, जिनकी श्रेष्ठता जगजाहिर रही।
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कार्यक्रम में किशोर कुमार के गीतों ऐसे न मुझे तुम देखो..., तुम साथ हो जब अपने... और लेकर हम दीवाना दिल...जैसे गीतों को जमाल ने सुरों से सजाया। गायक कृष्ण कुमार ने जिंदगी की यही रीत है..., ओ मनचली कहां चली..., देखो वीर जवानों... जैसे गीतों की प्रस्तुति दी। रूपा तिवारी ने मेरे नैना सावन भादो... विजय थापा ने सारेगामापा...। आशीष ने हां पहली बार...। जमाल और स्मृति ने कह दूं तुम्हें या चुप रहूं..., सीएटी कैट, कैट माने बिल्ली... गीत सुनाए। कृष्ण कुमार और रूपा ने चल दरिया में डूब जाएं... अशोक व कृष्ण कुमार ने एक दिन मिट जाएगा माटी के मोल..., जमाल, कृष्ण कुमार व रूपा ने रिमझिम गिरे सावन... जैसे गीतों को अपनी आवाज से संवारा। सभी कलाकारों ने चलते चलते मेरे ये गीत याद रखना... से समापन किया। सुनील शान ने संचालन किया। हास्य कलाकार अमित बिहारी ने ठहाके लगवाए।
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रवि सारस्वत को किया सम्मानित
हास्य कलाकार स्व. रफीक बावरा के नाम पर दिए जाने वाले ‘रफीक बावरा रंगभारती सम्मान’ से हास्य कलाकार रवि सारस्वत को सम्मानित किया गया। रंगभारती के अध्यक्ष श्याम कुमार ने किशोर कुमार की गायिकी की बारीकियां बताईं।