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Lucknow News: निजी ब्लड बैंक में कहां से आ रहा खून, विभाग को खुद नहीं पता

Wed, 01 Apr 2026 02:13 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Wed, 01 Apr 2026 02:13 AM IST
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The department itself does not know where the blood is coming from in private blood banks.
प्रतीकात्मक।
लखनऊ। राजधानी में खुले निजी ब्लड बैंकों में खून की आपूर्ति कहां से हो रही है, इसकी जानकारी जिम्मेदारों के पास तक नहीं है। इसके बाद भी खून की आपूर्ति धड़ल्ले से चल रही है। निजी ब्लड बैंक में प्रोफेशनल डोनर खून दे रहे हैं। इसकी निगरानी तक नहीं हो रही है। विभाग केवल छापा मारकर खानापूर्ति कर रहा है। स्वास्थ्य विभाग निजी ब्लड को कैंप लगाने की अनुमति देकर भूल जाता है।
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राजधानी में 29 निजी ब्लड बैंक हैं। इसमें आधे से ज्यादा ब्लड बैंक के पास हॉस्पिटल तक नहीं है। इसके बाद भी वहां खून की आपूर्ति धड़ल्ले से चल रही है। निजी ब्लड बैंक रक्तदान शिविर लगाने की सूचना स्वास्थ्य विभाग को भेजते हैं, लेकिन स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार इन कैंपों की निगरानी नहीं करते। निजी ब्लड बैंक में कैंप लगाने की अनुमति जिला क्षय रोग अधिकारी देते हैं। निगरानी न होने से ब्लड बैंक मनमाफिक डोनर बुलाकर खून लेते हैं।
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सोमवार को छापे में सामने आई थी गड़बड़ी
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की टीम ने सोमवार को शहर के विभिन्न निजी ब्लड बैंकों पर मारे गए छापे में भारी अनियमितताएं पाई गई हैं। जांच में सामने आया कि कई ब्लड बैंक न केवल मानकों को ताक पर रख रहे हैं, बल्कि उनके पास इस बात का कोई पारदर्शी रिकॉर्ड नहीं है कि खून कौन दे रहा है और वह किसे दिया जा रहा है। इस दौरान सात ब्लड बैंकों का संचालन रोक दिया गया था।
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FSDA की छापेमारी में हुआ बड़ा खुलासा

कल हुई इस कार्रवाई के दौरान अधिकारियों ने पाया कि कई निजी ब्लड बैंकों में ''स्टॉक रजिस्टर'' और ''डोनर रिकॉर्ड'' अधूरे थे। नियमानुसार, हर यूनिट रक्त का पूरा ब्यौरा (डोनर का आधार, स्वास्थ्य रिपोर्ट और प्राप्तकर्ता मरीज का विवरण) होना अनिवार्य है, लेकिन मौके पर ऐसा कुछ नहीं मिला।
अनुमति देने का रिकॉर्ड नहीं
बीते साल कितने ब्लड बैंकों को कितने कैंप की अनुमति विभाग ने दी है, इसका भी रिकाॅर्ड अफसरों पास नहीं है। जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. एके सिंघल का कहना है कि उनका विभाग सिर्फ कैंप लगाने की अनुमति देता है। मॉनीटरिंग का काम ड्रग विभाग का है।

ड्रग विभाग की है गुणवत्ता परखने की जिम्मेदारी
सहायक मंडल आयुक्त ड्रग ब्रजेश ने बताया निजी ब्लड बैंक में खून की गुणवत्ता की जांच करने का काम ड्रग विभाग का है। खून की गुणवत्ता गड़बड़ होने पर कार्रवाई की जाती है। कैंप लगाने की अनुमति व निगरानी की जिम्मेदारी स्वास्थ्य विभाग की है।
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