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Lucknow News: बाल रेल के चक्कर हुए आधे, एडवेंचर जोन में भी सन्नाटा
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जू में बाल रेल।
लखनऊ। भीषण गर्मी के कारण इन दिनों चिड़ियाघर में सन्नाटा पसरा हुआ है। परिसर की बाल रेल के चक्कर आधे रह गए हैं और एडवेंचर जोन भी खाली पड़ा है।
राजधानी में तापमान 42 डिग्री सेल्सियस पार होने से आम लोगों के साथ वन्यजीव भी परेशान हैं। चिड़ियाघर के निदेशक संजय कुमार विस्वाल के मुताबिक, गर्मी से दर्शकों की संख्या आधी रह गई है। सामान्य दिनों में यहां हर रोज करीब 5,000 दर्शक आते थे, अब यह संख्या 2,000 के आसपास लुढ़क गई है। दर्शकों की कमी के कारण बाल रेल भी अब रोजाना 22-24 चक्करों के बजाय सिर्फ 10-11 चक्कर ही लगा पा रही है।
इसके अलावा, वन्यजीव भी गर्मी से बचने के लिए ज्यादातर समय अपने बाड़ों के अंदर ही दुबके रहते हैं, जिससे आने वाले दर्शक उन्हें देख नहीं पा रहे हैं। चिड़ियाघर प्रशासन ने वन्यजीवों को राहत देने के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं। लू और धूप से बचाने के लिए बाड़ों को हरी चादरों व घास की परतों से ढका गया है। साथ ही जानवरों को ठंडक पहुंचाने के लिए जगह-जगह फव्वारे (स्प्रिंकलर्स) भी लगाए गए हैं।
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राजधानी में तापमान 42 डिग्री सेल्सियस पार होने से आम लोगों के साथ वन्यजीव भी परेशान हैं। चिड़ियाघर के निदेशक संजय कुमार विस्वाल के मुताबिक, गर्मी से दर्शकों की संख्या आधी रह गई है। सामान्य दिनों में यहां हर रोज करीब 5,000 दर्शक आते थे, अब यह संख्या 2,000 के आसपास लुढ़क गई है। दर्शकों की कमी के कारण बाल रेल भी अब रोजाना 22-24 चक्करों के बजाय सिर्फ 10-11 चक्कर ही लगा पा रही है।
इसके अलावा, वन्यजीव भी गर्मी से बचने के लिए ज्यादातर समय अपने बाड़ों के अंदर ही दुबके रहते हैं, जिससे आने वाले दर्शक उन्हें देख नहीं पा रहे हैं। चिड़ियाघर प्रशासन ने वन्यजीवों को राहत देने के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं। लू और धूप से बचाने के लिए बाड़ों को हरी चादरों व घास की परतों से ढका गया है। साथ ही जानवरों को ठंडक पहुंचाने के लिए जगह-जगह फव्वारे (स्प्रिंकलर्स) भी लगाए गए हैं।
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