लखनऊ। भिक्षुक साहित्यिक संस्था की ओर से राजाजीपुरम में गणेश प्रसाद सक्सेना भिक्षुक की 102वीं जयंती मनाई गई। डॉ. उमेश प्रकाश रचित पुस्तक सुप्रभाती, मेरी लद्दाख यात्रा, और भिक्षुक स्मारिका के अगस्त अंक का विमोचन किया गया l समारोह में डॉ. सुशील पांडेय साहित्येंदु, डॉ. सुल्तान शाकिर हाशमी, आचार्य ओम नीरव, डॉ. उमा शंकर शुक्ला शितिकंठ, डॉ. विशंभर शुक्ला, डॉ. हौंसिला प्रसाद त्रिपाठी कुमार तरल और डॉ. मधु प्रधान को भिक्षुक साहित्य मंजरी सम्मान से नवाजा गया। मुख्य वक्ता प्रो. उषा सिन्हा जी ने भिक्षुक जी को अपने समय का कालजयी रचनाकार बताया। संस्था के अध्यक्ष डॉ. उमेश प्रकाश, महासचिव अरुणा सक्सेना की मौजूदगी में विजय शंकर मिश्र भास्कर, वर्षा श्रीवास्तव, प्रतिभा गुप्ता, डॉ. अनुपमा श्रीवास्तव, तेज नारायण श्रीवास्तव राही आदि ने काव्यपाठ किया।