{"_id":"6aa5b977115d76499b0ad7b3","slug":"the-22-day-old-baby-girl-was-referred-after-a-vein-could-not-be-located-lucknow-news-c-13-lko1096-1917142-2026-09-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lucknow News: नस नहीं मिली तो 22 दिन की बच्ची को किया था रेफर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Lucknow News: नस नहीं मिली तो 22 दिन की बच्ची को किया था रेफर
विज्ञापन
बच्ची को सांप ने डसा था। (प्रतीकात्मक)
निगोहां। मोहनलालगंज सीएचसी में सांप के काटने से गंभीर 22 दिन की बच्ची को इलाज न मिलने और रेफर किए जाने के बाद उसकी मौत मामले में परिजनों ने सीएचसी स्टाफ पर लापरवाही का आरोप लगाया है। वहीं, सीएमओ डॉ. एनबी सिंह के मुताबिक, बच्ची की नस तलाशने में स्टाफ को दिक्कत आ रही थी। रात में विशेषज्ञ डॉक्टर भी उपलब्ध नहीं था, इसलिए उसे हायर सेंटर रेफर किया गया।
निगोहां के उदयपुर निवासी दिलीप की 22 दिन की बच्ची को बृहस्पतिवार रात करीब दो बजे बेड पर सोते समय सांप ने काट लिया था। परिजन उसे बाइक से मोहनलालगंज सीएचसी लेकर पहुंचे। आरोप है कि बच्ची को पहले मैटरनिटी विंग से इमरजेंसी ले जाने को कहा गया। इमरजेंसी पहुंचने के बाद परिजनों को रेफर का कागज थमा दिया गया।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, बच्ची की हालत गंभीर थी। ड्रिप लगाने के लिए उसकी नस नहीं मिल पा रही थी। ऐसे में बच्ची को हायर सेंटर भेजने का निर्णय लिया गया। परिजन उसे सिविल अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां इमरजेंसी से बाल रोग विभाग तक ले जाने के बाद ईसीजी कर बच्ची को मृत घोषित कर दिया गया।
विज्ञापन
वहीं, मां पूजा का आरोप है कि समय पर इलाज मिलता तो बच्ची की जान बच सकती थी। समाजसेवी अभयकांत दीक्षित ने सीसीटीवी फुटेज की जांच और डिप्टी सीएम से शिकायत की बात कही है। सीएमओ ने सीएचसी अधीक्षक से रिपोर्ट तलब की है।
विज्ञापन
निगोहां के उदयपुर निवासी दिलीप की 22 दिन की बच्ची को बृहस्पतिवार रात करीब दो बजे बेड पर सोते समय सांप ने काट लिया था। परिजन उसे बाइक से मोहनलालगंज सीएचसी लेकर पहुंचे। आरोप है कि बच्ची को पहले मैटरनिटी विंग से इमरजेंसी ले जाने को कहा गया। इमरजेंसी पहुंचने के बाद परिजनों को रेफर का कागज थमा दिया गया।
विज्ञापन
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, बच्ची की हालत गंभीर थी। ड्रिप लगाने के लिए उसकी नस नहीं मिल पा रही थी। ऐसे में बच्ची को हायर सेंटर भेजने का निर्णय लिया गया। परिजन उसे सिविल अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां इमरजेंसी से बाल रोग विभाग तक ले जाने के बाद ईसीजी कर बच्ची को मृत घोषित कर दिया गया।
विज्ञापन
वहीं, मां पूजा का आरोप है कि समय पर इलाज मिलता तो बच्ची की जान बच सकती थी। समाजसेवी अभयकांत दीक्षित ने सीसीटीवी फुटेज की जांच और डिप्टी सीएम से शिकायत की बात कही है। सीएमओ ने सीएचसी अधीक्षक से रिपोर्ट तलब की है।