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Lucknow News: संग्रहालय में बदला जाएगा 113 साल से अधिक पुराना नगर निगम का मुख्यालय
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नगर निगम मुख्यालय।
लखनऊ। लालबाग स्थित नगर निगम मुख्यालय 113 साल से अधिक पुराना है। इसे संग्रहालय बनाने की तैयारी हो रही है, क्योंकि इस बिल्डिंग को पूरी तरह खाली किया जा रहा है। अभी यहां जोन एक का जोनल कार्यालय भी चलता है। जोनल कार्यालय कैसरबाग में और मुख्यालय गोमतीनगर में शिफ्ट किया जाना है।
यह बिल्डिंग रेलवे की है, जिसे रेलवे ने 1913-14 में चार लाख रुपये खर्च कर रेलवे प्रेस के लिए बनवाया था, मगर 6 अक्टूबर 1927 को नगर निगम ने एक लाख रुपये में इसे अधिगृहीत कर लिया था। तब से नगर निगम का मुख्यालय इसी बिल्डिंग में चल रहा है। उस समय के हिसाब से नगर निगम के लिए यह बिल्डिंग पर्याप्त थी, मगर शहर का दायरा बढ़ने के साथ ही कर्मचारी-अधिकारियों की संख्या भी बढ़ी है।
इस समय नगर निगम मुख्यालय में करीब 400 अधिकारी-कर्मचारी बैठते हैं। इनके बैठने के लिए अब पर्याप्त जगह नहीं है। इसलिए अब नगर निगम का नया मुख्यालय गोमतीनगर में एल्डिको ग्रीन कॉलोनी के पास नगर निगम की केंद्रीय कार्याशाला की जगह पर बनाया जा रहा है। इसका निर्माण दो साल में पूरा होने की उम्मीद है। ऐसे में दो साल में मुख्यालय लालबाग से शिफ्ट हो जाएगा।
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पड़ताल में आया सामने
मुख्यालय और जोनल कार्यालय दोनों शिफ्ट होने के बाद शहर के बीच स्थित खाली बिल्डिंग का क्या होगा, इसको लेकर अभी नगर निगम ने सार्वजनिक रूप से कोई जानकारी नहीं दी है। ऐसे में जब अमर उजाला ने पड़ताल की तो सामने आया कि यह बिल्डिंग 100 साल से अधिक पुरानी है। ऐसे में यह ऐतिहासिक हो गई है। बिल्डिंग में आर्ट गैलरी पहले से ही है। ऐसे में यहां म्यूजियम बनाने की योजना बन रही है। म्यूजियम किस तरह का होगा, यह फिलहाल साफ नहीं है।
बापू भी आ चुके हैं इस भवन में
17 अक्टूबर 1925 को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी भी इस भवन में आए थे और यहां तीन घंटे रुके थे। उनके साथ पंडित मोतीलाल नेहरू व जवाहर लाल नेहरू भी थे। यहां बापू ने लोगों को संबोधित भी किया था। इसका शिलालेख भी नगर निगम मुख्यालय के बाहर लगा है।
Iलालबाग मुख्यालय और जोनल कार्यालय नई बिल्डिंगों में शिफ्ट हो जाएंगे, तो खाली बिल्डिंग में संग्रहालय बनाने की योजना है। यह किस तरह का होगा यह अभी तय नहीं है।I
I- महेश वर्मा, मुख्य अभियंता नगर निगमI
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यह बिल्डिंग रेलवे की है, जिसे रेलवे ने 1913-14 में चार लाख रुपये खर्च कर रेलवे प्रेस के लिए बनवाया था, मगर 6 अक्टूबर 1927 को नगर निगम ने एक लाख रुपये में इसे अधिगृहीत कर लिया था। तब से नगर निगम का मुख्यालय इसी बिल्डिंग में चल रहा है। उस समय के हिसाब से नगर निगम के लिए यह बिल्डिंग पर्याप्त थी, मगर शहर का दायरा बढ़ने के साथ ही कर्मचारी-अधिकारियों की संख्या भी बढ़ी है।
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इस समय नगर निगम मुख्यालय में करीब 400 अधिकारी-कर्मचारी बैठते हैं। इनके बैठने के लिए अब पर्याप्त जगह नहीं है। इसलिए अब नगर निगम का नया मुख्यालय गोमतीनगर में एल्डिको ग्रीन कॉलोनी के पास नगर निगम की केंद्रीय कार्याशाला की जगह पर बनाया जा रहा है। इसका निर्माण दो साल में पूरा होने की उम्मीद है। ऐसे में दो साल में मुख्यालय लालबाग से शिफ्ट हो जाएगा।
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पड़ताल में आया सामने
मुख्यालय और जोनल कार्यालय दोनों शिफ्ट होने के बाद शहर के बीच स्थित खाली बिल्डिंग का क्या होगा, इसको लेकर अभी नगर निगम ने सार्वजनिक रूप से कोई जानकारी नहीं दी है। ऐसे में जब अमर उजाला ने पड़ताल की तो सामने आया कि यह बिल्डिंग 100 साल से अधिक पुरानी है। ऐसे में यह ऐतिहासिक हो गई है। बिल्डिंग में आर्ट गैलरी पहले से ही है। ऐसे में यहां म्यूजियम बनाने की योजना बन रही है। म्यूजियम किस तरह का होगा, यह फिलहाल साफ नहीं है।
बापू भी आ चुके हैं इस भवन में
17 अक्टूबर 1925 को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी भी इस भवन में आए थे और यहां तीन घंटे रुके थे। उनके साथ पंडित मोतीलाल नेहरू व जवाहर लाल नेहरू भी थे। यहां बापू ने लोगों को संबोधित भी किया था। इसका शिलालेख भी नगर निगम मुख्यालय के बाहर लगा है।
Iलालबाग मुख्यालय और जोनल कार्यालय नई बिल्डिंगों में शिफ्ट हो जाएंगे, तो खाली बिल्डिंग में संग्रहालय बनाने की योजना है। यह किस तरह का होगा यह अभी तय नहीं है।I
I- महेश वर्मा, मुख्य अभियंता नगर निगमI