फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   Temperature stable, scorching heat waves

Lucknow News: पारा स्थिर, झुलसा रहे लू के थपेड़े

Wed, 29 May 2024 12:24 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ Updated Wed, 29 May 2024 12:24 AM IST
विज्ञापन
Temperature stable, scorching heat waves
श्रावस्ती। तराई में जेठ माह के प्रथम सप्ताह में मंगलवार को तापमान 44.5 डिग्री सेल्सियस पर स्थिर रहा। सुबह से ही आग उगल रही सूरज की किरणें व पछुआ हवा लोगों को बेहाल कर रही हैं। खराब हैंडपंप व सूख चुके जलाशयों के कारण कई क्षेत्रों में पेयजल संकट हो गया है। इससे इंसान ही नहीं पशु-पक्षी भी बेहाल हैं। मौसम की इस बेरुखी का असर खेत में लगी जायद की फसल पर भी दिख रहा है। जिसे बचाने के लिए किसानों को बार-बार सिंचाई करनी पड़ रही है।
विज्ञापन

इसके साथ ही करीब 14 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से चली गर्म पश्चिमोत्तर हवा से लोगों को लू के थपेड़ों से जूझना पड़ा। सुबह करीब आठ बजे से ही आग उगल रहीं सूरज की किरणों से लोग पसीने से तरबतर देखे गए। विद्युत उपकरण भी लोगों को कोई खास राहत नहीं दिला पा रहे हैं। इस बीच बार-बार हो रही अघोषित बिजली कटौती के कारण लोग गर्मी से बेहाल देखे गए। ग्रामीण क्षेत्रों में लोग उमस भरी गर्मी से बचने के लिए बाग-बगीचों का सहारा लेने को विवश रहे। जबकि नगरीय क्षेत्रों में लोग विद्युत उपकरण पर ही निर्भर दिखे। मौसम के मिजाज में फिलहाल नरमी के संकेत न मिलने से लोगों को जेठ मास की तपन की चिंता सता रही है।
विज्ञापन

सताने लगा पेयजल संकट, नहीं चेत रहा प्रशासन
ग्रामीण क्षेत्रों के तालाब में निर्देशों के बाद भी अब तक पानी नहीं भराया गया। यही स्थिति जंगल में बने तालाबों व अन्य ताल-तलैयों सहित पहाड़ी नालों की भी है। जो सूखे पड़े हैं। इनमें पानी न होने से पशु-पक्षी बेहाल हैं। इससे भी खराब स्थिति नगर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में लगे हैंडपंपों की है। देखा जाए तो जिले में स्थापित करीब 45 फीसदी सरकारी हैंडपंप या तो खराब हैं या उनमें दूषित जल निकल रहा है। मरम्मत न होने से लोगों को पेयजल संकट से जूझना पड़ रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

तेजी से सूख रही नमी
किसानों द्वारा अतिरिक्त आय के लिए अपने खेतों में सब्जी व जायद की खेती की गई है। चिलचिलाती धूप व उमस भरी गर्मी के कारण खेतों की नमी तेजी से कम हो रही है। ऐसे में किसान खेत में लगी मेंथा, गन्ना, मक्का, उड़द, लोबिया, तोरई, प्याज, भिंडी, खीरा आदि लतादार सब्जियों व फलों को सूखने से बचाने के लिए बार-बार सिंचाई करने को मजबूर हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed