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गृहमंत्री का करीबी बता लोन दिलाने के नाम पर 25 लाख रुपये ठगे
Sat, 28 Nov 2020 11:05 PM IST
पंकज श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Sat, 28 Nov 2020 11:05 PM IST
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ठगी
- फोटो : अमर उजाला
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कृष्णानगर में ठगों ने खुद को गृहमंत्री का करीबी बताकर दो युवकों से लोन पास कराने के नाम पर 25 लाख रुपये ठग लिए। पीडितों ने एफआईआर दर्ज कराई है। इंस्पेक्टर धीरेंद्र कुमार उपाध्याय का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है।इंस्पेक्टर ने बताया कि इंद्रलोक कॉलोनी निवासी योगेंद्र त्रिपाठी और गीतेश द्विवेदी ने मध्य प्रदेश के ग्वालियर स्थित तुलसी विहार निवासी नवीन वानखेडे, गुड़गांव के नरसिंहपुर निवासी मनोज सिंह और दिल्ली के रितेश तिवारी पर ठगी का आरोप लगाया है।
योगेंद्र का कहना है कि बीते वर्ष पिकेडली होटल में एक पार्टी के दौरान अपने परिचित अमित शुक्ला के जरिए नवीन वानखेडे से मुलाकात हुई थी। नवीन ने बताया था कि उसका साथी रितेश तिवारी गृहमंत्री के जनसंपर्क अधिकारी का काफी करीबी है। योगेंद्र ने अपनी व गीतेश की लखनऊ और उरई की जमीनों पर 25 करोड़ रुपये का लोन पास कराने के लिए कहा तो वह तयार हो गया। बकौल योगेंद्र, ठग ने उन्हें 17 नवंबर 2019 को दिल्ली में नोवाटेल होटल बुलाया और जमीन के कागजात देखे। कागजी कार्रवाई के लिए उसने 37500 रुपये मांगे। योगेंद्र ने 18 नवंबर को अपने एचडीएफसी बैंक खाते से नवीन के एसबीआई खाते में रुपया ट्रांसफर कर दिया। इसके बाद फिर 112500 रुपया मांगा जिसे ऑनलाइन दे दिया गया।
नवीन ने योगेंद्र और गीतेश को मनोज सिंह से भी मिलवाया। उसका कहना था कि मनोज अधिकारी है जो लोन पास कराता है। मनोज ने तीन दिसंबर 2019 को 27500 रुपया नवीन को दिलाया। कुछ दिन बाद उसने फोन कर गीतेश को दिल्ली बुलाया और रितेश तिवारी को मुख्य अधिकारी बताते हुए दिल्ली के छतरपुर स्थित फार्म हाउस में उससे मुलाकात कराई। रितेश ने लोन की स्टॉम्प ड्यूटी के लिए कुछ शुल्क लगने की बात कही। उसने गीतेश से प्रापर्टी के कागजात, की फोटोकॉपी, आधार, पैन, पासपोर्ट व उसकी फर्म रक्तदंतिका इंजीनियर्स प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर के कागजात ले लिए। 20 दिसंबर को नवीन ने गीतेश को फोन कर दिल्ली से लखनऊ की फ्लाइट के दो टिकट बुक कराए। 22 दिसंबर को नवीन व उसका एक साथी लखनऊ आए और प्रापर्टी का सत्यापन कराया। इसके बाद योगेंद्र ने अपने घर पर नवीन को स्टाम्प ड्यूटी के लिए मांगा गया आठ लाख रुपया नकद दिया।
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योगेंद्र ने बताया कि मनोज सिंह मैसेज भेजकर गीतेश को फ्लाइट के टिकट व रुपया मंगाते रहे। ठगों ने मुंबई से भोपाल, भोपाल से मुंबई और मुंबई से दिल्ली की कई फ्लाइट की टिकट कराईं। यही नहीं, रहने-खाने का भुगतान भी कराया लेकिन लोन पास नहीं कराया। इंस्पेक्टर का कहना है कि आरोपियों की तलाश की जा रही है।
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योगेंद्र का कहना है कि बीते वर्ष पिकेडली होटल में एक पार्टी के दौरान अपने परिचित अमित शुक्ला के जरिए नवीन वानखेडे से मुलाकात हुई थी। नवीन ने बताया था कि उसका साथी रितेश तिवारी गृहमंत्री के जनसंपर्क अधिकारी का काफी करीबी है। योगेंद्र ने अपनी व गीतेश की लखनऊ और उरई की जमीनों पर 25 करोड़ रुपये का लोन पास कराने के लिए कहा तो वह तयार हो गया। बकौल योगेंद्र, ठग ने उन्हें 17 नवंबर 2019 को दिल्ली में नोवाटेल होटल बुलाया और जमीन के कागजात देखे। कागजी कार्रवाई के लिए उसने 37500 रुपये मांगे। योगेंद्र ने 18 नवंबर को अपने एचडीएफसी बैंक खाते से नवीन के एसबीआई खाते में रुपया ट्रांसफर कर दिया। इसके बाद फिर 112500 रुपया मांगा जिसे ऑनलाइन दे दिया गया।
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नवीन ने योगेंद्र और गीतेश को मनोज सिंह से भी मिलवाया। उसका कहना था कि मनोज अधिकारी है जो लोन पास कराता है। मनोज ने तीन दिसंबर 2019 को 27500 रुपया नवीन को दिलाया। कुछ दिन बाद उसने फोन कर गीतेश को दिल्ली बुलाया और रितेश तिवारी को मुख्य अधिकारी बताते हुए दिल्ली के छतरपुर स्थित फार्म हाउस में उससे मुलाकात कराई। रितेश ने लोन की स्टॉम्प ड्यूटी के लिए कुछ शुल्क लगने की बात कही। उसने गीतेश से प्रापर्टी के कागजात, की फोटोकॉपी, आधार, पैन, पासपोर्ट व उसकी फर्म रक्तदंतिका इंजीनियर्स प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर के कागजात ले लिए। 20 दिसंबर को नवीन ने गीतेश को फोन कर दिल्ली से लखनऊ की फ्लाइट के दो टिकट बुक कराए। 22 दिसंबर को नवीन व उसका एक साथी लखनऊ आए और प्रापर्टी का सत्यापन कराया। इसके बाद योगेंद्र ने अपने घर पर नवीन को स्टाम्प ड्यूटी के लिए मांगा गया आठ लाख रुपया नकद दिया।
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योगेंद्र ने बताया कि मनोज सिंह मैसेज भेजकर गीतेश को फ्लाइट के टिकट व रुपया मंगाते रहे। ठगों ने मुंबई से भोपाल, भोपाल से मुंबई और मुंबई से दिल्ली की कई फ्लाइट की टिकट कराईं। यही नहीं, रहने-खाने का भुगतान भी कराया लेकिन लोन पास नहीं कराया। इंस्पेक्टर का कहना है कि आरोपियों की तलाश की जा रही है।