सहायक अध्यापक भर्ती: आरक्षण के चलते नियुक्ति प्रक्रिया से बाहर हुए अभ्यर्थी, दी आत्मदाह की धमकी
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परिषदीय विद्यालयों में सहायक अध्यापक भर्ती प्रक्रिया से बाहर हुए अभ्यर्थियों ने शनिवार को निशातगंज स्थित बेसिक शिक्षा निदेशालय पर प्रदर्शन किया। निदेशक ने छूटे हुए अभ्यर्थियों को काउंसलिंग कराने का भरोसा दिलाया लेकिन वे नहीं माने। उन्होंने आत्मदाह की चेतावनी दी है।
सहायक अध्यापक पद पर शिक्षकों की भर्ती के लिए काउंसलिंग शुरू हुई तो सुबह सैकड़ों अभ्यर्थी निदेशालय पर पहुंच कर नारेबाजी करने लगे। इनमें काफी संख्या में महिलाएं भी थीं। कार्यालय में निदेशक डॉ. सर्वेंद्र विक्रम मौजूद थे।
कर्मचारियों ने अंदर से दरवाजा बंद कर लिया। बाद में पुलिस भी पहुंच गई। निदेशालय पर प्रदर्शन करने से पहले अभ्यर्थियों ने सुबह शिक्षा मंत्री अनुपमा जायसवाल के आवास का घेराव किया।
काउंसलिंग का समय आया तो बाहर कर दिया गया
भर्ती परीक्षा में 41,556 अभ्यर्थियों को सफल घोषित किया गया। अब जब काउंसलिंग की बारी आई तो इन पदों पर आरक्षण नीति लागू कर दी। इस नाते सामान्य श्रेणी के ऊंची मेरिट वाले करीब छह हजार अभ्यर्थी काउंसलिंग से बाहर हो गए हैं।
जब तक सूची जारी नहीं होगी प्रदर्शन जारी रहेगा
हंगामा बढ़ते देख शाम को निदेशक सर्वेंद्र विक्रम ने प्रतिनिधिमंडल को बुलाकर वार्ता की। आश्वासन दिया कि तीन दिन में छूटे हुए अभ्यर्थियों की सूची एनआईसी द्वारा जारी कराके उन्हें अवसर दिया जाएगा लेकिन अभ्यर्थी नहीं माने।
बताया कि जब तक उनकी सूची जारी नहीं होती, प्रदर्शन जारी रहेगा। बीटीसी प्रशिक्षु शिक्षक संघ ने भी सभी पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू करने की मांग को लेकर निदेशालय पर धरना दिया।