शिक्षक भर्ती : आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों ने दिखाई ताकत, मुख्यमंत्री से वार्ता का समय मिलने पर शांत हुए अभ्यर्थी
78 दिनों से प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थी सहायक अध्यापकों के 69000 पदों पर भर्ती के लिए प्रदर्शन को तेज करने का एलान किया है। उनका दावा है कि उन्हें भीम आर्मी का भी समर्थन प्राप्त है।
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प्राथमिक विद्यालयों में सहायक अध्यापकों के 69000 पदों पर भर्ती के आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों के हुजूम ने ईको गार्डन पहुंच कर सोमवार को अपनी ताकत का एहसास कराया। आंदोलन में भीम आर्मी अध्यक्ष चंद्रशेखर रावण ने शामिल होकर प्रदर्शनकारियों का हौसला बढ़ाया। अभ्यर्थियों के विधानभवन घेराव के एलान से दिन भर असमंजस की स्थिति बनी रही । शाम को मुख्यमंत्री से वार्ता का समय मिलने के बाद प्रदर्शनकारी शांत हुए। अभ्यर्थी बीते 78 दिनों से भर्ती प्रक्रिया में राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग की रिपोर्ट लागू करने की मांग को लेकर ईको गार्डन में धरना दे रहे हैं।
सरकार की ओर से सुनवाई न होने से नाराज अभ्यर्थियों ने सोमवार को आंदोलन तेज कर विधानभवन का घेराव करने का एलान किया था। आंदोलन में शामिल होने के लिये रात से ही बड़ी तादात में प्रदेश के अन्य जिलों से बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों का ईको गार्डन पहुंचना शुरू हो गया। पुलिस ने धरना स्थल के गेट के अंदर और बार बैरिकेडिंग लगा रखी थी। दोपहर में पहुंचे चंद्रशेखर रावण ने कहा कि मौजूदा सरकार में दलित और पिछड़ों को उनके अधिकारों से वंचित किया जा रहा है। प्रदर्शन में शामिल आशीष यादव ने बताया कि अभ्यर्थियों को समर्थन देने के लिये सरदार सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष सरदार सिंह सहित पदाधिकारी व कार्यकर्ता भी ईको गार्डन पहुंचे। इस दौरान सरदार सिंह की तबीयत बिगड़ गई। कार्यकर्ता उन्हें भीड़ से बाहर ले गए।
पुलिस से हुई धक्कामुक्की
प्रदर्शनकारियों की भीड़ और उनके एलान को देखते हुये पुलिस के अधिकारी प्रदर्शनकारियों को मनाने में लगे रहे। अभ्यर्थियों ने दोपहर एक बजे विधानभवन कूच का एलान किया तो पुलिस ने बताया कि मुख्यमंत्री ने समस्याओं के हल के लिए कमेटी बना दी है। लेकिन प्रदर्शनकारी नहीं मानें। आखिर में चंद्रशेखर रावण की अगुवाई में प्रदर्शनकारी अपराह्न 3 बजे ईको गार्डन के गेट तरफ बढ़े। लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक लिया तो प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच धक्कामुक्की शुरू हो गई। काफी देर तक चली धक्कामुक्की के बाद प्रदर्शनकारी वहीं बैठकर नारेबाजी करने लगे। शाम को प्रशासन की ओर से मुख्यमंत्री से मंगलवार को सुबह 11 बजे वार्ता का समय मिलने की जानकारी के बाद प्रदर्शनकारी शांत हुए।