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UP News: टीबी की बीमारी बन रही शादी में रोड़ा और तलाक की वजह, 10 फीसदी महिलाएं... 40 फीसदी युवतियां प्रभावित

Mon, 23 Jun 2025 12:12 PM IST
भूपेन्द्र सिंह सचिन त्रिपाठी, अमर उजाला, लखनऊ
सचिन त्रिपाठी, अमर उजाला, लखनऊ Published by: भूपेन्द्र सिंह Updated Mon, 23 Jun 2025 12:12 PM IST
सार

टीबी (ट्यूबरक्लोसिस) की बीमारी शादी में रोड़ा और तलाक की वजह बन रही है। इससे10 फीसदी महिलाएं और 40 फीसदी युवतियां प्रभावित हैं। जागरुकता कार्यक्रम भी सामाजिक धारणा में बदलाव नहीं ला पा रहे हैं। 

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TB disease is becoming hindrance in marriage and reason for divorce
फेफड़ों की बीमारी, टीबी - फोटो : Adobe Stock

विस्तार

जागरुकता कार्यक्रम भी ट्यूबरक्लोसिस (टीबी) बीमारी के प्रति सामाजिक धारणा में बदलाव नहीं ला पा रहे हैं। यही वजह है कि टीबी की वजह से 10 फीसदी महिलाओं के विवाह तलाक में बदल रहे हैं। 40 फीसदी युवतियां शादी लायक नहीं समझी जा रहीं। 

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किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (केजीएमयू) के रेस्पिरेटरी मेडिसिन विभाग में टीबी रोगी महिलाओं पर हुए अध्ययन में ये चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। यह अध्ययन डॉ. ज्योति बाजपेयी, डॉ. कंचन श्रीवास्तव, डॉ. शुभजीत रॉय, डॉ. सूर्यकांत और डॉ. अपूर्व नारायण ने किया है। 
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अध्ययन में 960 महिला टीबी रोगियों को शामिल किया गया। इनकी आयु 18 से 55 वर्ष के बीच थी। इस तरह शोध में शामिल लोगों की औसत आयु 39 वर्ष थी। इसमें दो तिहाई की उम्र 45 वर्ष से कम थी। इनमें से 70 फीसदी की बीमारी तीन महीने से कम और बाकी की इससे ज्यादा समय से थी।
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अध्ययन में सामने आए ये निष्कर्ष

  • 50 फीसदी महिलाओं को अपनी बीमारी के खुलासे का डर था।
  • 44 फीसदी की सामाजिक गतिविधि कम हो गई।
  • 40 फीसदी को युवतियों को शादी के लायक नहीं समझा गया।
  • 10 फीसदी का विवाह तलाक में बदल गया।
  • 25 फीसदी को घर में ही भेदभाव का सामना करना पड़ा।
  • 18% युवतियों के पति ने ही उपेक्षा कर दी।

 

टीबी के लक्षण

न ठीक होने वाली खांसी, छाती में दर्द, खांसी में खून आना, थकान, बुखार, रात को पसीना आना, वजन कम होना, भूख में कमी।

संभव है इलाज

रेस्पिरेटरी मेडिसिन विभाग, केजीएमयू के विभागाध्यक्ष प्रो. सूर्यकांत ने कहा कि 'टीबी लाइलाज बीमारी नहीं है। राष्ट्रीय क्षय नियंत्रण कार्यक्रम के तहत इसका निशुल्क इलाज किया जाता है। इसलिए इससे डरने या परेशान होने की जरूरत नहीं है। करीब छह महीने के इलाज के बाद टीबी पूरी तरह से ठीक हो जाती है।'

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