यूपी: टास्क फोर्स बनाकर रोकी जाएगी मॉब लिंचिंग, प्रमुख सचिव गृह ने जारी किये निर्देश
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गृह विभाग ने मॉब लिंचिंग (भीड़ हिंसा) की घटनाओं को रोकने के लिए सुप्रीम कोर्ट के दिशा निर्देशों का कड़ाई से पालन करने का निर्देश दिया है। इस बाबत प्रमुख सचिव गृह अरविंद कुमार की ओर से सभी जिलों में पुलिस अफसरों को नोडल अधिकारी नामित किया गया है।
पुलिस अधीक्षक और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पुलिस उपाधीक्षक स्तर के अधिकारियों को अपनी सहायता के लिए नामित करेंगे। इसके अलावा सीओ के अधीन टास्क फोर्स का गठन किया जाएगा। यह टास्क फोर्स ऐसे लोगों के बारे में अभिसूचना प्राप्त कर कार्रवाई करेगी जिनके द्वारा घृणित भाषण, भड़काऊ टिप्पणी और अफवाह फैलाने की संभावना हो या जो भीड़ हिंसा या मॉब लिंचिंग की घटनाओं में लिप्त हों।
टास्क फोर्स के स्वरूप के संबंध में डीजीपी की ओर से विस्तृत आदेश जारी किए जाएंगे। नोडल अधिकारी को थानाध्यक्षों के साथ इस तरह के मामलों पर हर महीने कम से कम एक बैठक करनी होगी। नोडल अधिकारी की जिम्मेदारी होगी कि सोशल मीडिया के जरिए फैलाई जा रही अफवाहों पर अंकुश लगाएं।
पांच साल का खंगाला जाएगा रिकॉर्ड
प्रमुख सचिव गृह ने कहा है कि सभी नोडल अधिकारी तीन सप्ताह के भीतर अपने जिलों में ऐसे गांव, या क्षेत्र या सब डिवीजन चिन्हित करेंगे जहां पिछले पांच साल में भीड़ के द्वारा लिंचिंग की घटनाएं हुई हों।
डीजीपी मुख्यालय पर आईजी स्तर के अधिकारी को राज्य स्तरीय नोडल अधिकारी नामित किया जाएगा। ये अफसर जिलों से सूचनाएं संकलित कर शासन को भेजेंगे। राज्य स्तर पर डीजीपी 3 माह में डीजी अभिसूचना और नोडल अधिकारियों के साथ समीक्षा करेंगे। अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ आईपीसी की धारा 153 ए के तहत कार्रवाई होगी।