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वकीलों के कब्जे हटाने की कार्रवाई को अंजाम तक पहुंचाएं : हाईकोर्ट
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लखनऊ। हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने कैसरबाग स्थित जनपद न्यायालय के आसपास वकीलों की ओर से किए कब्जों पर सख्त रुख जारी रखा है। नगर निगम को आदेश दिया है कि इन्हें हटाने के लिए जो कदम उठाए गए हैं, उन्हें अंजाम तक पहुंचाएं। जरूरी हो तो नगर निगम को तत्काल पुलिस बल उपलब्ध कराया जाए। न्यायमूर्ति राजेश सिंह चौहान और न्यायमूर्ति राजीव भारती की खंडपीठ ने यह आदेश अनुराधा सिंह व दो अन्य की याचिका पर दिया।
नगर निगम की दाखिल रिपोर्ट के अनुसार संबंधित क्षेत्र में 72 अतिक्रमण मिले हैं। इनमें से अधिकतर अधिवक्ताओं के चैंबर और कुछ दुकानों का अवैध निर्माण है। कोर्ट ने मामले को जनहित याचिका के तौर पर दर्ज करने का आदेश रजिस्ट्री अनुभाग को दिया। छह मई को अगली सुनवाई पर नगर निगम व जिला प्रशासन को कार्रवाई की प्रगति से अवगत कराने का आदेश भी दिया।
अदालत ने टिप्पणी की कि जनपद न्यायालय, पुराना हाईकोर्ट परिसर, कलेक्ट्रेट, राजस्व परिषद, पुराना सदर तहसील परिसर, उप-निबंधक कार्यालय, मंडलायुक्त कार्यालय, रेजिडेंसी पावर सब स्टेशन, बलरामपुर अस्पताल, कैसरबाग बस अड्डा व टेढ़ी कोठी के आसपास रहने वाले वकीलों के कब्जों से त्रस्त हैं। एक घटना का जिक्र करते हुए कहा कि इलाके में अतिक्रमण के कारण एंबुलेंस नहीं निकल सकी और मरीज की मौत हो गई। कोर्ट ने कहा, वकीलों को भी समुचित मात्रा में चैंबर की सुविधा मिलनी चाहिए और इसमें आवश्यक प्रगति भी हुई है।
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नगर निगम की दाखिल रिपोर्ट के अनुसार संबंधित क्षेत्र में 72 अतिक्रमण मिले हैं। इनमें से अधिकतर अधिवक्ताओं के चैंबर और कुछ दुकानों का अवैध निर्माण है। कोर्ट ने मामले को जनहित याचिका के तौर पर दर्ज करने का आदेश रजिस्ट्री अनुभाग को दिया। छह मई को अगली सुनवाई पर नगर निगम व जिला प्रशासन को कार्रवाई की प्रगति से अवगत कराने का आदेश भी दिया।
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अदालत ने टिप्पणी की कि जनपद न्यायालय, पुराना हाईकोर्ट परिसर, कलेक्ट्रेट, राजस्व परिषद, पुराना सदर तहसील परिसर, उप-निबंधक कार्यालय, मंडलायुक्त कार्यालय, रेजिडेंसी पावर सब स्टेशन, बलरामपुर अस्पताल, कैसरबाग बस अड्डा व टेढ़ी कोठी के आसपास रहने वाले वकीलों के कब्जों से त्रस्त हैं। एक घटना का जिक्र करते हुए कहा कि इलाके में अतिक्रमण के कारण एंबुलेंस नहीं निकल सकी और मरीज की मौत हो गई। कोर्ट ने कहा, वकीलों को भी समुचित मात्रा में चैंबर की सुविधा मिलनी चाहिए और इसमें आवश्यक प्रगति भी हुई है।
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