स्वाइन फ्लू बना आफत, सरकार के हाथ-पांव फूले
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प्रदेश में स्वाइन फ्लू के बढ़ते मामलों को देखते हुए सरकार के हाथ-पांव फूल गए हैं। हालत इसलिए ज्यादा खराब हैं क्योंकि इसकी दवा व वैक्सीन का टोटा हो गया है। सरकार ने अब आपात स्थिति में स्वाइन फ्लू की रोकथाम में इस्तेमाल होने वाली वैक्सीन व दवा ओसेल्टामीवीर (टैमी फ्लू) की स्थानीय खरीद के अधिकार सीएमओ व सीएमएस को दे दिए हैं।
यूं तो प्रदेश सरकार ने राजस्थान से टैमी फ्लू के 90 हजार कैप्सूल मंगाने का ऑर्डर दिया है लेकिन कई स्थानों पर दवा पहुंचने में विलंब हो रहा है। ऐसे में सरकार ने सभी मुख्य चिकित्सा अधिकारियों व मुख्य चिकित्सा अधीक्षकों को इस दवा के स्थानीय क्रय के अधिकार दे दिए हैं। महानिदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं की ओर से इसके औपचारिक आदेश जारी हो गए हैं।
बड़ी समस्या यह है कि स्वाइन फ्लू के रोकथाम के लिए जिस वैक्सीन का इस्तेमाल होता है वह मुख्यालय पर उपलब्ध नहीं है। ऐसे में सरकार ने इसके स्थानीय खरीद के आदेश दिए हैं।
केंद्र सरकार ने कंपनियों के नाम व पते भेजे
केंद्र सरकार के निर्देशों के अनुसार उन डॉक्टरों, पैरामेडिकल स्टाफ व रैपिड रिस्पांस टीम को वैक्सीन लगाई जानी है जो स्वाइन फ्लू के इलाज में लगे हैं। सरकार ने इसे बनाने वाली कंपनियों के नाम, पते व उनकी दर भी सीएमओ व सीएमएस को भेज दी है।
पटियाली की विधायक को भी स्वाइन फ्लू
कासगंज जिले के पटियाली की विधायक नजीबा खान जीनत और उनकी बेटी नासी खान को स्वाइन फ्लू की पुष्टि के बाद शुक्रवार को राजधानी के राम मनोहर लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
दारुलशफा स्थित विधायक आवास में रहने वाली नजीबा खान और उनकी बेटी की हालत सामान्य बताई जा रही है। इस बीच, चार बच्चों समेत नौ और लोगों में एच1एन1 वायरस के संक्रमण के बाद राजधानी में इसकी चपेट में आए मरीजों की संख्या बढ़कर 129 हो गई है।
महिला विधायक और उनकी बेटी के अलावा केजीएमयू में चार और सिविल अस्पताल व पीजीआई में एक-एक मरीज का इलाज चल रहा है।