खुद स्टूडेंट्स ने बताया क्या फायदा मिला अखिलेश के फ्री लैपटॉप से
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अखिलेश सरकार की लैपटॉप योजना की आलोचना के बीच एक सर्वेक्षण के अध्ययन में लाभार्थी 86 फीसदी छात्र-छात्राओं ने माना कि इस योजना से उनके एकेडमिक परफार्मेंस में सुधार आया है। प्रदेश सरकार की लैपटॉप वितरण योजना को लेकर गिरि इंस्टीट्यूट ऑफ डेवलपमेंट स्टडीज के अध्ययन में ये नतीजे सामने आए हैं।
सर्वेक्षण के मुताबिक इस योजना की वजह से प्रदेश के छात्रों में कंप्यूटर पर कामकाज को लेकर समझदारी बढ़ी है। सपा सरकार ने चुनाव घोषणा पत्र में किए वादे के अनुसार 2013 में इंटर पास कर अगली कक्षा में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों को लैपटॉप देने की शुरुआत की थी।
इस योजना को बाद में मेरिट वाले छात्रों तक सीमित कर दिया गया। 86 फीसदी छात्रों ने माना है कि उनका शैक्षिक प्रदर्शन सुधरा है जबकि 53 फीसदी मानते हैं कि सामाजिक मुद्दों के प्रति उनकी जागरूकता पहले से बेहतर हुई है। 21 फीसदी छात्र लैपटॉप की मदद से आंशिक रूप से अपनी आय बढ़ाने में कामयाब हुए।
स्टूडेंट्स चाहते हैं जारी रहे योजना
गिरि इंस्टीट्यूट ने इस योजना से छात्रों के ज्ञान, आर्थिक सशक्तीकरण और रोजगारपरकता पर प्रभाव का विस्तृत अध्ययन किया है। इंस्टीट्यूट के सीनियर फैलो डॉ. सीएस वर्मा ने स्टडी के लिए 13 जिलों के 16 कॉलेजों के 3200 लाभार्थी छात्रों को चुना।
64 फीसदी से ज्यादा स्टूडेंट्स मानते हैं कि उनकी कंप्यूटर व आईटी स्किल बढ़ी है। उन्हें लगता है कि आईटी स्किल का लाभ उन्हें भविष्य में रोजगार के अवसरों में मिलेगा। फ्रेश ग्रेजुएट या ग्रेजुएशन कर रहे योजना के लाभार्थी स्टूडेंटस में 20 फीसदी पढ़ाई के साथ घर पर ही लैपटॉप से पार्टटाइम काम करके पैसा कमा रहे हैं।
7 प्रतिशत घरों से बाहर काम कर रहे हैं। 37 फीसदी छात्रों ने माना है कि वे मनोरंजन के लिए लैपटॉप का इस्तेमाल करते है। 89 फीसदी छात्र-छात्राएं चाहते हैं कि 12वीं कक्षा पास करने वाले स्टूडेंट्स के लिए लैपटॉप वितरण योजना जारी रहनी चाहिए।