फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   Survey: Good education reduces the risk of death from heart failure by 22 percent

Survey: अच्छी शिक्षा से 22% कम होता है हार्ट फेल होने पर मौत का जोखिम, 21 राज्यों में अध्ययन का निष्कर्ष

Mon, 20 Apr 2026 06:27 AM IST
दुष्यंत शर्मा सचिन त्रिपाठी, लखनऊ
सचिन त्रिपाठी, लखनऊ Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Mon, 20 Apr 2026 06:27 AM IST
सार

भारतीय राष्ट्रीय हृदय विफलता रजिस्ट्री (एनएचएफआर) के अध्ययन में यह बात सामने आई है। इसे ओपन हार्ट पत्रिका के अप्रैल के अंक में स्थान मिला है। 

विज्ञापन
Survey: Good education reduces the risk of death from heart failure by 22 percent
demo - फोटो : adobe stock images

विस्तार

अच्छी शिक्षा सिर्फ कॅरिअर ही नहीं बनाती, हार्ट फेल होने पर जान जाने का जोखिम भी 22 फीसदी तक कम करती है। भारतीय राष्ट्रीय हृदय विफलता रजिस्ट्री (एनएचएफआर) के अध्ययन में यह बात सामने आई है। इसे ओपन हार्ट पत्रिका के अप्रैल के अंक में स्थान मिला है। 

विज्ञापन


  एनएचएफआर के अध्ययन में भारत के 21 राज्यों के 53 अस्पतालों से हार्ट फेलियर के 10,850 मरीजों को शामिल किया गया था। हार्ट फेल के बाद एक वर्ष तक इनकी निगरानी की गई। इसके आधार पर मृत्यु दर का आकलन किया गया। मधुमेह से पीड़ित मरीजों में मधुमेह रहित मरीजों की तुलना में मृत्यु का जोखिम 10 फीसदी अधिक पाया गया। अध्ययन में यह भी देखा गया कि मधुमेह से पीड़ित उच्च शिक्षित मरीजों में मृत्यु का जोखिम 22 फीसदी कम था, जो शिक्षा के महत्व को दर्शाता है। वहीं, मधुमेह पीड़ित और कम शैक्षिक पृष्ठभूमि वाले मरीजों में मृत्यु का जोखिम बाकी लोगों की तुलना में 25 फीसदी अधिक पाया गया।
विज्ञापन


अध्ययन में ये रहे शामिल
डॉ. पन्नियामक्कल जीमोन, डॉ. सुनु थॉमस, डॉ. अजय बहल, डॉ. अंबुज रॉय, डॉ. अनिमेष मिश्रा, डॉ. जयेश प्रजापति, डॉ. मंजूनाथ सी नंजप्पा, डॉ. ऋषि सेठी, डॉ. सांतनु गुहा, डॉ. सतीश संतोष, डॉ. रुपिंदर एस धालीवाल, डॉ. मीनाक्षी शर्मा, डॉ. संजय गणपति, डॉ. गिरीश पलेड़ा, डॉ. नीरव कुमार, डॉ. सुशील मालानी, डॉ. प्रकाश नेगी, डॉ. आदित्य कपूर, डॉ. धर्मेंद्र जैन, डॉ. संदीप चौधरी, डॉ. स्मित श्रीवास्तव, डॉ. बलबीर सिंह यादव, डॉ. सिवादासनपिल्लई हरिकृष्णन।

विज्ञापन
विज्ञापन
  • अध्ययन में पाया गया कि हार्ट फेल होने के बाद एक वर्ष के भीतर 22.1 फीसदी मरीजों की मौत हो गई। इनमें भी मधुमेह पीड़ित और कम शिक्षित रोगियों का प्रतिशत ज्यादा था।

बरतें ये सावधानी
वजन न बढ़ने दें, नमक का सेवन कम करें, संतुलित आहार लें, समय पर दवाएं लें, फ्लू और निमोनिया के टीके लगवाएं, डॉक्टर की सलाह से हल्का व्यायाम करें या टहलें, धूम्रपान और शराब बंद करें, तनाव न लें।



इसलिए अहम है शिक्षा
केजीएमयू में कार्डियोलॉजी विभाग के अध्यक्ष प्रो. ऋषि सेठी ने बताया कि हार्ट फेल होने के बाद दवाओं के साथ ही जीवनशैली में बड़े बदलाव की जरूरत होती है। 

  • समस्या होने पर लक्षणों को पहचान कर डॉक्टर के पास जाना होता है। इन सभी में शिक्षा की अहम भूमिका होती है। यह बात इस अध्ययन में भी सामने आई है।

जानें, कब करें डॉक्टर से संपर्क
सांस लेने में भारी कठिनाई, सीने में दर्द, वजन में तेजी से वृद्धि, पैरों या पेट में सूजन होने पर।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed