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कोर्ट के फैसले पर टिका किसानों का भविष्य

Mon, 13 Oct 2014 01:40 AM IST
राजेंद्र सिंह/अमर उजाला, लखनऊ
राजेंद्र सिंह/अमर उजाला, लखनऊ Updated Mon, 13 Oct 2014 01:40 AM IST
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supreme court to take decision on sugarcane price.

गन्ना उत्पादक किसानों की नजरें सोमवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में बैंकों की याचिका पर होने वाली सुनवाई पर लगी है। अदालत के रुख से तय होगा कि किसानों को 31 अक्तूबर तक ब्याज समेत पूर्ण गन्ना मूल्य भुगतान मिलेगा या नहीं।

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चीनी मिलों पर किसानों का पिछले सत्र का भी तीन हजार करोड़ रुपये बकाया है। राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के संयोजक वीएम सिंह की याचिका पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पांच सितंबर को आदेश दिया था कि किसानों को 31 अक्तूबर तक ब्याज समेत संपूर्ण गन्ना मूल्य भुगतान कराया जाए। यह भुगतान चीनी बेचकर किया जाना है।
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शुगर मिलों ने चीनी को बंधक बनाकर बैंकों से भी पैसा ले रखा है। हाईकोर्ट ने चीनी बिक्री से मिलने वाले धन पर पहला अधिकार किसानों का माना है। इस फैसले के खिलाफ पीएनबी और एसबीआई ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। उनकी याचिका पर 13 अक्तूबर को सुनवाई होनी है।

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अटक सकता है किसानों का भुगतान

supreme court to take decision on sugarcane price.

किसानों की नजरें इस बात पर लगी है कि सर्वोच्च अदालत में हाईकोर्ट के फैसले को बरकरार रखा जाता है या उस पर रोक लगती है। सुप्रीम कोर्ट ने चीनी पर पहला हक बैंकों का माना तो किसानों का गन्ना मूल्य भुगतान अटक भी सकता है।

चूंकि वीएम सिंह ने सुप्रीम कोर्ट में पहले ही कैविएट डाल रखी थी। लिहाजा सोमवार को उन्हें सुनने के बाद ही अदालत कोई फैसला करेगी।

देखना होगा केंद्र का रुख
सुप्रीम कोर्ट में बैंकों की ओर से 10 सितंबर को भारत सरकार के अटार्नी जनरल मुकुल रोहतगी पेश हुए थे। चूंकि इस केस में भारत सरकार भी पार्टी है।

इसलिए उसी स्थिति में वह पेश हो सकते हैं जब इस चीनी पर हक को लेकर भारत सरकार और बैंकों की राय एक जैसी हो। देखना होगा कि सोमवार को रोहतगी पेश होते हैं या नहीं।

चीनी पर पहला हक किसानों का

supreme court to take decision on sugarcane price.

केंद्रीय कृषि राज्यमंत्री डॉ. संजीव बालियान ने कहा है कि अटार्नी जनरल मुकुल रोहतगी क्यों और किन परिस्थितियों में बैंकों की ओर से सुप्रीम कोर्ट में पेश हुए, उन्हें जानकारी नहीं है। लेकिन पूरा मामला प्रधानमंत्री कार्यालय की जानकारी में है।

केंद्र सरकार का स्पष्ट रुख है कि चीनी बिक्री से मिलने वाले धन पर पहला हक किसानों का है। गन्ना मूल्य भुगतान सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता भी है। वह लगातार इसका प्रयास कर रहे हैं।

इसके लिए केंद्र सरकार, उत्तर प्रदेश की मदद करने को भी तैयार हैं। सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में होने वाली सुनवाई पर उनकी भी नजर रहेगी। वहां सरकार की ओर से किसानों के पक्ष में आवाज उठाई जाएगी।

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