फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   supreme court panel arrived ayodhaya, process begins from wednesday

सुप्रीम कोर्ट मध्यस्थता पैनल पहुंचा अयोध्या, बुधवार से शुरू होगी कवायद

Tue, 12 Mar 2019 10:25 PM IST
Amulya Rastogi न्यूज डेस्क, अमर उजाला अयोध्या
न्यूज डेस्क, अमर उजाला अयोध्या Published by: Amulya Rastogi Updated Tue, 12 Mar 2019 10:25 PM IST
विज्ञापन
supreme court panel arrived ayodhaya, process begins from wednesday
अयोध्या पहुंचे श्री श्री रविशंकर - फोटो : amar ujala
अयोध्या विवाद में सुप्रीम मध्यस्थता की कवायद बुधवार से शुरू होगी। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर बनी मध्यस्थता कमेटी के अध्यक्ष जस्टिस एफएम इब्राहिम कलीफुल्ला समेत तीन सदस्यीय पैनल मंगलवार दोपहर अयोध्या पहुंच गया। मामले से जुड़े पक्षकारों व अपीलकर्ताओं के 25 अधिवक्ताओं को बातचीत के लिए नोटिस देकर बुलाया गया है। 
विज्ञापन


पैनल के ठहरने से लेकर सुनवाई तक का इंतजाम अवध विश्वविद्यालय के आईईटी परिसर स्थित स्व. गेंदालाल अतिथिगृह में किया गया है। चारों तरफ से परिसर को कड़ी सुरक्षा घेरे में रखा गया है। बगैर अनुमति अंदर प्रवेश करने पर रोक है। मध्यस्थता की संपूर्ण प्रक्रिया गोपनीय तरीके से कैमरे की निगरानी में होगी।
विज्ञापन


सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर अयोध्या मामले को मध्यस्थता के जरिए सुलझाने का एक अहम प्रयास बुधवार से शुरू होने जा रहा है। मंगलवार दोपहर मध्यस्थता पैनल के अध्यक्ष जस्टिस एफएम इब्राहिम कलीफुल्ला व सदस्य वरिष्ठ अधिवक्ता श्रीराम पांचु लखनऊ के रास्ते सड़क मार्ग से अवध विवि के गेंदालाल दीक्षित वीआईपी गेस्ट हाउस पहुंचे। इसके करीब एक घंटे बाद सदस्य आध्यात्मिक गुरु श्रीश्री रविशंकर खास हेलीकॉप्टर से हवाई अड्डा पर उतरे। जहां उनका तिलक लगाकर व माला पहनाकर स्वागत हुआ।
विज्ञापन
विज्ञापन

इसके बाद कार से कड़ी सुरक्षा में उन्हें गेस्ट हाउस ले जाया गया। एक पक्षकार के अधिवक्ता को मिले नोटिस के अनुसार मध्यस्थता कमेटी के अध्यक्ष जस्टिस एफएम इब्राहिम कलीफुल्ला की ओर से 10 मार्च को मामले से जुड़े पक्षकारों व अपीलकर्ताओं के 25 अधिवक्ताओं को नोटिस भेजा गया है। इसमें कहा गया है कि मध्यस्थता की पहली बैठक 13 मार्च को सुबह 10 बजे अवध विवि के गेंदालाल दीक्षित वीआईपी गेस्ट हाउस में होगी।

इस प्रक्रिया में सुप्रीम कोर्ट में मामले से जुड़े के पक्षकार यदि चाहें तो अपने अधिवक्ताओं के जरिए मध्यस्थता पैनल के समक्ष निर्धारित तिथि, समय व स्थल पर उपस्थित हो सकते हैं। यह मध्यस्थता प्रक्रिया सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार कैमरे के सामने अत्यधिक गोपनीयता बरतते हुए होगी। 

यह भी निर्देश जारी किया गया है कि वार्ता के लिए आने वाले पक्षकारों व अधिवक्ताओं की भी सुरक्षा के इंतजाम किए जाएं। उधर, कमिश्नर मनोज मिश्र, आईजी डॉ. संजीव गुप्ता, जिलाधिकारी अनुज कुमार झा, एसएसपी जोगेंद्र कुमार ने पैनल के अध्यक्ष समेत सदस्यों की अगवानी की। 

अवध विश्वविद्यालय के आईईटी कैंपस के आसपास सुरक्षा सख्त कर दी गई है। अतिथि गृह को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया है। यहां आने जाने वाले सभी मार्गों पर त्रिस्तरीय बैरिकेडिंग की गई है, आसपास के इलाके में सीसीटीवी का जाल बिछाया जा रहा है।

बौद्ध कमेटी के अधिवक्ता से मांगी रिट की कॉपी 

अयोध्या मामले में बौद्ध कमेटी की ओर से विनीत कुमार मौर्य की रिट याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने मंजूर कर लिया है। सुलह-समझौते के प्रयास में उनके अधिवक्ता से रिट की कॉपी मांगी गई है। सूत्रों का कहना है कि बौद्ध कमेटी की ओर से रिट याचिका दायर करने वाले विनीत कुमार मौर्य के अधिवक्ता से भी पैनल ने रिट की कॉपी मांगी है, ताकि उन्हें भी मध्यस्थता के लिए बुलाया जा सके। 

मालूम हो कि बौद्ध पक्षकार मौर्य ने अपनी याचिका में विवादित परिसर को बौद्ध विहार के रूप में राष्ट्रीय स्मारक घोषित करने की मांग की है। मौर्य ने कहा है कि इससे पहले सारनाथ, संकिता, श्रावस्ती, कपिलवस्तु व सांची को राष्ट्रीय स्मारक घोषित किया जा चुका है। वे कहते हैं कि उत्खनन में मिले साक्ष्य बौद्ध कालीन हैं। इसी के आधार पर विवादित परिसर को राष्ट्रीय धरोहर घोषित करने की मांग की है।

सुप्रीम कोर्ट में दायर की गई हैं कुल 15 अपीलें
रामजन्मभूमि/बाबरी मस्जिद विवाद मामले में हाईकोर्ट इलाहाबाद लखनऊ बेंच के फैसले के बाद सुप्रीम कोर्ट में कुल 14 अपीलें दायर की गई हैं। हाल में 15वीं अपील बतौर शिया सेंट्रल बोर्ड ऑफ वक्फ बोर्ड द्वारा वसीम रिजवी वर्सेज सुन्नी सेंट्रल बोर्ड ऑफ वक्फ भी दाखिल हुई थी। इन अपीलों के पक्षकार-अपीलकर्ताओं से स्वयं या अधिवक्ताओं के माध्यम से मध्यस्थता के लिए बनाया गया पैनल वार्ता कर सकता है। इन सभी को नोटिस जारी की जा चुकी है, हालांकि अभी यह तय नहीं है कि किसको वार्ता के लिए कब बुलाया जाएगा।

अयोध्या विवाद में यह हैं अपीलें...

  • एम सिद्धीकी, जमीयत उलमा-ए-हिंद बनाम महंत सुरेश दास चेला परमहंस दास। 
  • रामलला विराजमान, त्रिलोकीनाथ पांडेय आदि बनाम राजेंद्र सिंह द्वारा स्वर्गीय गोपाल सिंह विशारद आदि।
  • अध्यक्ष ऑल इंडिया हिंदू महासभा स्वामी चक्रपाणि बनाम भगवान श्रीरामलला विराजमान, त्रिलोकीनाथ पांडेय।
  • सुन्नी सेंट्रल बोर्ड ऑफ वक्फ यूपी बनाम महंत सुरेश दास आदि।
  • अखिल भारत हिंदू महासभा तिवारी गुट बनाम भगवान श्रीराम लला विराजमान अयोध्या आदि।
  • निर्मोही अखाड़ा द्वारा महंत दिनेंद्र दास बनाम राजेंद्र सिंह आदि ।
  • मिसबाहुद्दीन बनाम महंत सुरेश दास अयोध्या।
  • गोपाल सिंह विशारइ द्वारा राजेंद्र सिंह बनाम फारूख अहमद आदि।
  • स्वर्गीय मो. हाशिम अंसारी द्वारा इकबाल अंसारी बनाम महंत सुरेश दास।
  • कन्वेनर ऑफ अखिल भारतीय श्रीरामजन्मभूमि पुनरूद्धार समिति बनाम राजेंद्र सिंह आदि।
  • सुन्नी सेंट्रल बोर्ड ऑफ वक्फ यूपी बनाम भगवान श्रीरामलला विराजमान।
  • फारूख अहमद आदि बनाम स्व.परमहंस रामचंद्रदास द्वारा सुरेश दास। 
  • स्व. मो. हाशिम अंसारी द्वारा मोहम्मद इकबाल अंसारी बनाम भगवान श्रीरामलला विराजमान।
  • मौलाना महफुर्जरहमान बनाम सुरेश दास अयोध्या।
  • शिया सेंट्रल बोर्ड ऑफ वक्फ बोर्ड द्वारा वसीम रिजवी बनाम सुन्नी सेंट्रल बोर्ड ऑफ वक्फ।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed