{"_id":"6a0eb162f2b287df4204b191","slug":"suna-hai-kya-when-a-woman-leader-took-the-power-of-khaki-lightly-2026-05-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"Suna Hai Kya: जब महिला नेत्री ने हल्के में ली खाकी की ताकत, भगवा दल में कुर्सी के लिए पद घटना भी मंजूर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Suna Hai Kya: जब महिला नेत्री ने हल्के में ली खाकी की ताकत, भगवा दल में कुर्सी के लिए पद घटना भी मंजूर
सार
पश्चिम यूपी में एक महिला नेत्री को खाकी की ताकत को हल्के में लेना भारी पड़ गया है। मैडम का बुरा वक्त आ गया और गजब किरकिरी हो गई। पढें, पावर कॉरिडोर के रोचक किस्से:
विज्ञापन
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
पश्चिम यूपी में एक महिला नेत्री को खाकी की ताकत को हल्के में लेना भारी पड़ गया है। मैडम का बुरा वक्त आ गया और गजब किरकिरी हो गई। वहीं, भगवा दल में होने वाले फेरबदल को लेकर नेताओं की धुकधुकी बढ़ी हुई है। पश्चिम के एक नेता भगवा दल में शामिल होने की तैयारी में हैं। इसके लिए बिसात बिछ चुकी है। पढ़ें ये रोचक किस्से:
सम्मान में थाने के दर्शन
पश्चिमी उप्र की एक महिला नेत्री ने खाकी की ताकत को हल्के में ले लिया। किसी पीड़ित को इंसाफ दिलाने गई थीं और खुद ही थाने की यात्रा करनी पड़ गई। जिस अफसर से उनकी कहासुनी हुई, वह अपने प्रयोगों के लिए आंख का तारा बना है तो भला विपक्ष के नेता को भाव क्यों देगा? मैडम को लगा कि समर्थकों के साथ उनका जलवा अफसर के सामने काम करेगा। जनप्रतिनिधियों को सम्मान देने का सरकार का आदेश भी है। बस इतना नहीं पता था कि कोई भी आदेश बिना अफसर की मर्जी के उसकी टेबल तक जाने में वक्त लगता है। इस बीच मैडम का बुरा वक्त आ गया और बिना वजह किरकिरी हो गई।
कुर्सी बचे, पद घटना भी मंजूर
भगवा दल में बदलाव की आहट ने कई नेतागण का तनाव बढ़ा दिया है। दरअसल संगठन में बदलाव को लेकर अब निर्णायक बैठकों का दौर शुरू हो गया है। दस साल तक जलवा दिखा चुके पदाधिकारियों को बदलने की चर्चा जोरों पर है। लिहाजा संगठन के विभिन्न पदों पर वर्षों से कब्जा जमाए नेताजी लोगों की धुकधुकी बढ़ी हुई है। चर्चा है कि कुछ लोगों ने तो नैतिकता के आधार पर खुद को संगठन के दायित्व से मुक्त करने की सहमति दे दी है लेकिन दो-तीन लोग इस जुगत में हैं कि बड़े पद से हटाकर छोटे पद पर ही समायोजन हो जाए ताकि दुकान चलती रहे।
विज्ञापन
भाजपा का थाम रहे दामन
पश्चिम के एक निर्दल जनप्रतिनिधि जल्द ही भाजपा का दामन थामने जा रहे हैं। इसके लिए जरूरी राजनीतिक बिसात पूरी तरह बिछ चुकी है। वह भाजपा के कई नेताओं से मिल भी चुके हैं। सबकुछ यूं ही चला तो अगले माह जॉइनिंग की अनौपचारिक घोषणा भी हो सकती है। यह जनप्रतिनिधि नियम होने के बावजूद सरकारी कार्यक्रमों में उन्हें न बुलाए जाने से खुद को काफी उपेक्षित महसूस कर रहे हैं।
आपके पास भी ऐसी कोई जानकारी या समाचार हो तो 8859108085 पर व्हाट्सएप करें।
विज्ञापन
सम्मान में थाने के दर्शन
पश्चिमी उप्र की एक महिला नेत्री ने खाकी की ताकत को हल्के में ले लिया। किसी पीड़ित को इंसाफ दिलाने गई थीं और खुद ही थाने की यात्रा करनी पड़ गई। जिस अफसर से उनकी कहासुनी हुई, वह अपने प्रयोगों के लिए आंख का तारा बना है तो भला विपक्ष के नेता को भाव क्यों देगा? मैडम को लगा कि समर्थकों के साथ उनका जलवा अफसर के सामने काम करेगा। जनप्रतिनिधियों को सम्मान देने का सरकार का आदेश भी है। बस इतना नहीं पता था कि कोई भी आदेश बिना अफसर की मर्जी के उसकी टेबल तक जाने में वक्त लगता है। इस बीच मैडम का बुरा वक्त आ गया और बिना वजह किरकिरी हो गई।
विज्ञापन
कुर्सी बचे, पद घटना भी मंजूर
भगवा दल में बदलाव की आहट ने कई नेतागण का तनाव बढ़ा दिया है। दरअसल संगठन में बदलाव को लेकर अब निर्णायक बैठकों का दौर शुरू हो गया है। दस साल तक जलवा दिखा चुके पदाधिकारियों को बदलने की चर्चा जोरों पर है। लिहाजा संगठन के विभिन्न पदों पर वर्षों से कब्जा जमाए नेताजी लोगों की धुकधुकी बढ़ी हुई है। चर्चा है कि कुछ लोगों ने तो नैतिकता के आधार पर खुद को संगठन के दायित्व से मुक्त करने की सहमति दे दी है लेकिन दो-तीन लोग इस जुगत में हैं कि बड़े पद से हटाकर छोटे पद पर ही समायोजन हो जाए ताकि दुकान चलती रहे।
विज्ञापन
भाजपा का थाम रहे दामन
पश्चिम के एक निर्दल जनप्रतिनिधि जल्द ही भाजपा का दामन थामने जा रहे हैं। इसके लिए जरूरी राजनीतिक बिसात पूरी तरह बिछ चुकी है। वह भाजपा के कई नेताओं से मिल भी चुके हैं। सबकुछ यूं ही चला तो अगले माह जॉइनिंग की अनौपचारिक घोषणा भी हो सकती है। यह जनप्रतिनिधि नियम होने के बावजूद सरकारी कार्यक्रमों में उन्हें न बुलाए जाने से खुद को काफी उपेक्षित महसूस कर रहे हैं।
आपके पास भी ऐसी कोई जानकारी या समाचार हो तो 8859108085 पर व्हाट्सएप करें।