गन्ना मूल्य में 3 साल से वृद्धि नहीं करना किसानों से धोखा : अखिलेश व जयंत ने योगी सरकार को घेरा
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समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने गन्ना मूल्य में वृद्धि नहीं किए जाने पर भाजपा सरकार को निशाने पर लिया है। उन्होंने कहा कि किसान महंगाई और फसल का वाजिब दाम नहीं मिलने से दोहरी मार झेल रहे हैं। तीन साल से गन्ना मूल्य में एक रुपये की भी वृद्धि नहीं करके भाजपा सरकार ने किसानों से धोखा किया। किसान इस धोखे का जवाब अपने वोट से देंगे। वहीं, राष्ट्रीय लोकदल के उपाध्यक्ष जयंत चौधरी ने कहा कि गन्ना समर्थन मूल्य में बढ़ोतरी न करके योगी सरकार ने किसानों की कमर तोड़ने का काम किया है।
अखिलेश यादव ने सोमवार को एक बयान में कहा कि गन्ना किसान बदहाली में जी रहा है है। इसका अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि वर्तमान में चीनी मिलों पर प्रतिदिन 2 करोड़ रुपये बकाया बढ़ रहा है। 14 दिन के बाद भुगतान होने पर किसान को अवशेष राशि पर ब्याज मिलना चाहिए।
प्रदेश में किसानों का लगभग 10,174 करोड़ रुपये गन्ना मूल्य बकाया हो चुका है। कानूनी तौर पर देय ब्याज भी नहीं दिया जा रहा है। परेशान गन्ना किसान आत्महत्या को मजबूर हो जाता है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2012 में जब उनकी सरकार बनी थी, तब पहले साल में ही राज्य परामर्शी मूल्य (एसएसपी) में 40 रुपये क्विंटल की वृद्धि की थी।
योगी सरकार ने तोड़ी गन्ना किसानों की कमर : जयंत
राष्ट्रीय लोकदल के उपाध्यक्ष जयंत चौधरी ने कहा कि इस वर्ष भी गन्ना समर्थन मूल्य में बढ़ोतरी न करके योगी सरकार ने किसानों की कमर तोड़ने का काम किया है। उन्होंने ट्वीट किया, तीन साल में नहीं बढ़ा पाई गन्ना मूल्य भाजपा! इस बार बाबा का मन तो घटाने का था और इसलिए इतनी देर की, लेकिन किसान आंदोलन के चलते हिम्मत नहीं हुई!
उन्होंने कहा कि चुनाव के समय 14 दिन में गन्ना भुगतान का वादा करने वाली भाजपा के शासन में प्रदेश के किसानों का चीनी मिलों पर 10 हजार करोड़ से अधिक गन्ना मूल्य बकाया है। प्रदेश सरकार ने गन्ना मूल्य घोषित करने में देरी करके चीनी मिल मालिकों को लाभ पहुंचाया है।