काशी में मोदी के 'मेक इन इंडिया' को लगे पंख
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पुरा छात्र काशी में उद्योग-धंधे स्थापित कर उन्हें रोजगार मुहैया कराएंगे। दो दिवसीय पुरा छात्र समागम में इसकी रूपरेखा तैयार की गई। देश-विदेश से आए पुरा छात्र रविवार को समागम संपन्न होने के बाद विदा हो गए।
डीरेका परिसर स्थित बारात घर में केवी डीरेका के दो दिवसीय पुरातन छात्र सम्मेलन में जुटे पूर्व छात्र-छात्राओं ने ‘मेक इन इंडिया’ के जरिये विद्यालय के छात्रों की भावी पीढ़ी के सपनों को उड़ान देने का खाका खींचा।
पूर्व छात्र सुजीत मुखर्जी ने बताया कि पढ़ाई के बाद यहां के विद्यार्थियों को नौकरी के लिए भटकना न पड़े, इसलिए काशी में उद्योग-धंधे लगाने की योजना बनाई गई है।
ये पहनाएंगे योजना को अमली जामा
साथ ही ऐसे छात्र-छात्राओं की भी मदद करने पर विचार किया जा रहा है, जो यहां के बाद विदेश में जाकर पढ़ाई करने के इच्छुक हों।
इस योजना को अमली जाम पहनाने के लिए सुजीत के साथ ज्योति पॉल, धर्मेश श्रीवास्तव, अभय कांत निराला, पुनीत शर्मा को जिम्मा सौंपा गया है।
समागम के आखिरी दिन रविवार को पुरा छात्र गंगा घाटों का भ्रमण करने के बाद विदा हो गए।