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Lucknow News: धरना-प्रदर्शन के रूप में दिख रहा विद्यार्थियों का आक्रोश
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लखनऊ। लखनऊ विश्वविद्यालय में शैक्षिक सत्र 2026-27 की शुरुआत के साथ ही परिसर में धरना-प्रदर्शन का सिलसिला तेज हो गया है। फीस वृद्धि, छात्रों के निष्कासन, सुरक्षा गार्डों को हटाने और बेरोजगारी जैसे मुद्दों पर लगातार प्रदर्शन हो रहे हैं। इन मुद्दों को लेकर छात्रों का आक्रोश बढ़ रहा है। सितंबर माह में ही कई बड़े विरोध प्रदर्शन हो चुके हैं। हालांकि छात्रसंघ लंबे समय से अस्तित्व में नहीं है, लेकिन विभिन्न राजनीतिक दलों से जुड़े छात्र संगठन परिसर में सक्रिय रूप से अपनी मांगों को उठा रहे हैं।
हाल ही में, छात्र संगठनों ने हॉस्टल फीस में की गई वृद्धि के विरोध में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की थी। इससे पहले, 15 सितंबर को करीब 40 सुरक्षा कर्मियों को हटाए जाने के विरोध में गेट नंबर एक पर धरना प्रदर्शन हुआ, जिसमें छात्रों ने भी नारेबाजी की। विश्वविद्यालय प्रवक्ता ने बाद में स्पष्ट किया कि किसी भी सुरक्षाकर्मी को हटाने का निर्णय नहीं लिया जाएगा और उन्हें योग्यता के अनुसार समायोजित करने का आश्वासन दिया गया। अप्रैल और मई माह में भी फीस वृद्धि के विरोध में विभिन्न छात्र संगठनों ने प्रदर्शन किए थे। पांच मई को समाजवादी छात्र सभा ने करीब चार घंटे धरना देकर कुलपति को ज्ञापन सौंपा था। संगठन ने कई सेल्फ फाइनेंस पाठ्यक्रमों की फीस बढ़ाए जाने का विरोध किया था। इसके अलावा तीन छात्रों के निष्कासन के विरोध में 56 दिनों तक धरना चला था, जिसके बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने तीनों छात्रों का निष्कासन वापस ले लिया था।
बेरोजगारी दिवस मनाकर जलाईं डिग्री की प्रतियां
बृहस्पतिवार को छात्रों ने बेरोजगारी के विरोध में विश्वविद्यालय में बेरोजगारी दिवस मनाया और अपनी डिग्रियों की प्रतियां जलाकर प्रदर्शन किया। छात्रों ने नियमित और समयबद्ध भर्ती प्रक्रिया शुरू करने की मांग की। इससे एक दिन पहले पांच छात्रों के निलंबन के बाद भी परिसर में हंगामा और धरना प्रदर्शन हुआ। इस दौरान निलंबित किए गए एक छात्र ने लविवि की इमारत से कूदने की भी कोशिश की।
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प्रमुख प्रदर्शनों का घटनाक्रम
मई : फीस वृद्धि के खिलाफ करीब चार घंटे धरना।
56 दिन : तीन छात्रों के निष्कासन के विरोध में चला धरना।
15 सितंबर : करीब 40 सुरक्षा कर्मियों को हटाने के विरोध में प्रदर्शन।
16 सितंबर : हॉस्टल फीस वृद्धि के विरोध में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल।
17 सितंबर : बेरोजगारी दिवस, डिग्रियों की प्रतियां जलाकर प्रदर्शन।
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हाल ही में, छात्र संगठनों ने हॉस्टल फीस में की गई वृद्धि के विरोध में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की थी। इससे पहले, 15 सितंबर को करीब 40 सुरक्षा कर्मियों को हटाए जाने के विरोध में गेट नंबर एक पर धरना प्रदर्शन हुआ, जिसमें छात्रों ने भी नारेबाजी की। विश्वविद्यालय प्रवक्ता ने बाद में स्पष्ट किया कि किसी भी सुरक्षाकर्मी को हटाने का निर्णय नहीं लिया जाएगा और उन्हें योग्यता के अनुसार समायोजित करने का आश्वासन दिया गया। अप्रैल और मई माह में भी फीस वृद्धि के विरोध में विभिन्न छात्र संगठनों ने प्रदर्शन किए थे। पांच मई को समाजवादी छात्र सभा ने करीब चार घंटे धरना देकर कुलपति को ज्ञापन सौंपा था। संगठन ने कई सेल्फ फाइनेंस पाठ्यक्रमों की फीस बढ़ाए जाने का विरोध किया था। इसके अलावा तीन छात्रों के निष्कासन के विरोध में 56 दिनों तक धरना चला था, जिसके बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने तीनों छात्रों का निष्कासन वापस ले लिया था।
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बेरोजगारी दिवस मनाकर जलाईं डिग्री की प्रतियां
बृहस्पतिवार को छात्रों ने बेरोजगारी के विरोध में विश्वविद्यालय में बेरोजगारी दिवस मनाया और अपनी डिग्रियों की प्रतियां जलाकर प्रदर्शन किया। छात्रों ने नियमित और समयबद्ध भर्ती प्रक्रिया शुरू करने की मांग की। इससे एक दिन पहले पांच छात्रों के निलंबन के बाद भी परिसर में हंगामा और धरना प्रदर्शन हुआ। इस दौरान निलंबित किए गए एक छात्र ने लविवि की इमारत से कूदने की भी कोशिश की।
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प्रमुख प्रदर्शनों का घटनाक्रम
मई : फीस वृद्धि के खिलाफ करीब चार घंटे धरना।
56 दिन : तीन छात्रों के निष्कासन के विरोध में चला धरना।
15 सितंबर : करीब 40 सुरक्षा कर्मियों को हटाने के विरोध में प्रदर्शन।
16 सितंबर : हॉस्टल फीस वृद्धि के विरोध में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल।
17 सितंबर : बेरोजगारी दिवस, डिग्रियों की प्रतियां जलाकर प्रदर्शन।