Health News: तनाव... डर और चिंता भी बन रहा बच्चों में पेट दर्द की वजह, जानें क्या कहते हैं विशेषज्ञ?
आजकल तनाव, डर और चिंता भी बच्चों में पेट दर्द की वजह बन रहा है। कब्ज, संक्रमण अथवा अन्य कोई कारण सामने न आए तो मानसिक रोग विशेषज्ञ को दिखाएं। केजीएमयू में हर दिन ऐसे 4-5 मामले पहुंच रहे हैं। काउंसिलिंग से बच्चे ठीक हो जाते हैं।
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यदि आपका बच्चा बार-बार पेट दर्द की शिकायत करता है। पढ़ाई अथवा अन्य काम में उसकी रूचि कम हो रही है तो इसे हल्के में न लें। पेट दर्द शारीरिक ही नहीं मानसिक तनाव से भी हो सकता है। तनाव, चिंता या डर भी बच्चे में पेट दर्द के रूप में सामने आता है।
संजय गांधी पीजीआई, केजीएमयू और लोहिया संस्थान सहित अन्य चिकित्सा संस्थानों में पेट दर्द की शिकायत लेकर आने वाले ज्यादातर बच्चों में कब्ज प्रमुख कारण मिलता है। लेकिन, पांच से 10 फीसदी बच्चों में पेट दर्द का कोई शारीरिक कारण नहीं मिलता है।
चिकित्सा विशेषज्ञों का कहना है कि तनाव ज्यादा होने पर चिकित्सकीय उपचार से ठीक न होने वाला पेट दर्द (फंक्शनल एब्डामिनल पेन) डिसोसिएटिव डिसऑर्डर भी कहा जाता है। इसका कोई शारीरिक कारण नहीं होता है। अकेले केजीएमयू की ओपीडी में हर दिन चार से पांच ऐसे मामले सामने आ रहे हैं।
क्या कहते हैं विशेषज्ञ
बच्चे को बार-बार पेट दर्द की शिकायत हो रही है और सभी जांचे सामान्य हैं। ऐसे में बच्चे को मानसिक रोग विभाग में दिखाएं। कई बार तनाव की वजह से भी पेट दर्द होता है। ऐसे बच्चों को काउंसिलिंग से आराम मिल जाता है। -डॉ. विवेक अग्रवाल, विभागाध्यक्ष मानसिक रोग विभाग, केजीएमयू
बच्चों में पेट दर्द की बड़ी वजह कब्ज है। यह अल्ट्रासाउंड में नहीं आता है। ऐसे में उन्हें मानसिक रोग विशेषज्ञ को दिखाना चाहिए। इस स्थिति को पेट का माइग्रेन कह सकते हैं। इसमें दवा से ज्यादा काउंसिलिंग की जरूरत होती है। -डॉ. केके यादव, प्रोफेसर, लोहिया संस्थान
बच्चे अपनी भावनाओं को खुलकर बयां नहीं कर पाते हैं। ऐसे में अभिभावक उनसे प्यार से बात करें। पढ़ाई के लिए अनायास दबाव न डालें। उन्हें खेलकूद के लिए समय दें। पेट दर्द की जांच में कोई बात सामने न आए तो मानसिक रोग विशेषज्ञ को दिखाएं। -डॉ. आकाश माथुर, पूर्व असिस्टेंट प्रोफेसर, एसजीपीजीआई
केस 1
जौनपुर निवासी रिंकी (10) को करीब दो साल से पेट दर्द की समस्या थी। अभिभावकों कई जगह दिखाने के बाद एसजीपीजीआई लेकर आए। यहां भी आराम नहीं मिला। फिर मानसिक रोग विशेषज्ञ को दिखाया। कुछ दवाओं और काउंसिलिंग के बाद रिंकी अब ठीक है।
केस 2
देवरिया निवासी अमन (13) को स्कूल में अचानक तेज पेट दर्द होने लगता था। परिजनों ने बीआरडी गोरखपुर में दिखाया, लेकिन आराम नहीं मिला तो केजीएमयू लेकर आए। यहां गैस्ट्रोलॉजी के डॉक्टरों ने मानसिक रोग विभाग को रेफर कर दिया। डॉक्टरों ने पाया कि क्लास में डर की वजह से उसे दिक्कत थी। कुछ दवा और काउंसिलिंग से अब अमन ठीक है।