जब महिला ने टंडन को माला पहनाने से कर दिया इन्कार, जानिए क्या थी वजह
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पर, समस्या यह कि टंडन जी से पूछे कौन? वरिष्ठ साहित्यकार और कवि वियोगी हरि घबड़ाए कि यह क्या हो रहा है। उन्होंने टंडन जी को पत्र लिखकर पूछा, ‘जहां तक मेरा सवाल है तो मैं किसी पार्टी का सदस्य नहीं हूं। पर, यह मैं क्या सुन रहा हूं कि आप कांग्रेस में जा रहे हैं? आपके बारे में इस खबर ने धक्का पहुंचाया है।’
वियोगी हरि ने अपने संस्मरण में लिखा है, ‘बाबू जी (राजर्षि) ने उत्तर दिया, ‘किसने कहा कि मैं जनसंघ में जा रहा हूं। जहां तक भारतीय संस्कृति से मेरे अनुराग का मामला है तो वह सार्वजनिक है और हमेशा रहेगा। भले ही इस अनुराग का मतलब कोई कुछ भी निकाले।
बोले- कांग्रेस का हूं और अंतिम सांस तक कांग्रेस का ही रहूंगा
यह ठीक है कि कांग्रेस में कई खराबियां आ गई हैं। उन्हें दूर करने की कोशिश कर रहा हूं। देखा जाएगा कि कहां तक सफल होता हूं। पर, कांग्रेस छोड़ने की बात कत्तई नहीं है। कांग्रेस का हूं और अंतिम सांस तक कांग्रेस का ही रहूंगा।’ जब बाबू जी कांग्रेस के अध्यक्ष हुए तो उनका स्वागत हुआ।
लखनऊ में भी स्वागत हुआ। बाबू जी का माल्यार्पण हो रहा था। एक महिला मंच तक तो आई, लेकिन फिर उसने टंडन जी को माला पहनाने से यह कहते हुए इन्कार कर दिया, ‘अपने हाथ से माला नहीं पहनाएंगी क्योंकि बाबू जी हिंदुओं की तरफ ज्यादा झुकते हैं और मुसलमानों की तरफ उससे कम। इसलिए वह उनको नहीं छुएंगी।