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लाश के साथ नौ दिन: डरावनी है डेड बॉडी के साथ रहने वाली नानी की कहानी, रहस्य है परिवार में होने वाली हर मौत

Mon, 26 Jun 2023 06:18 PM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला टीम डिजिटल, लखनऊ
अमर उजाला टीम डिजिटल, लखनऊ Published by: रोहित मिश्र Updated Mon, 26 Jun 2023 06:18 PM IST
सार

यूपी के बाराबंकी जिले में एक नानी अपने 17 साल के नाती की लाश के साथ रह रही थी। नाती की मृत्यु कब हुई यह किसी को नहीं पता। जब पुलिस वहां पहुंची तो नानी की रहस्यमयी जिंदगी के बारे में बहुत कुछ पता चला। 
 

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story of grandmother living his dead grandson in barabanki
घर के बाहर बैठी बुजुर्ग महिला व जांच करते पुलिसकर्मी। - फोटो : amar ujala

विस्तार

यूपी के बाराबंकी जिले के हजाराबाग मोहारीपुरवा मोहल्ले में एक अजीब मामला सामने आया। यहां के एक घर में एक 65 साल की एक वृद्वा जिसका नाम मिथिलेश कुमारी उर्फ रानी है वह अपने 17 साल के नाती के साथ रह रही थी। पिछले कुछ दिनों से मोहल्ले के लोगों को उस घर के बाहर से तेज दुर्गंध आनी शुरू हुई। पहले तो लोगों को पानी के सड़ने या नाली की बदबू जैसा एहसास हुआ। बाद में जब गंध बढ़ी तो उन्होंने पाया कि यह गंध एक घर से आ रही है। लोगों ने पाया कि कई दिनों से उस घर के दरवाजे भी नहीं खुल रहे हैं। लोगों ने पुलिस को बुलाया। पुलिस पहुंची। दरवाजे अंदर से बंद थे। बहुत मशक्क्त के बाद दरवाजे खुले। दरवाजे उस बूढ़ी औरत ने खोले। गेट खुलते ही पूरा इलाका दुर्गंध से भर गया। 

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दरवाजे के सामने ही एक लाश चादर ओढ़ी लेटी थी। उसी के बगल में एक बिस्तर और लगा था। वह नानी का बिस्तर था। वह नानी बीते कई दिनों से उस नाती की लाश के साथ रह रही थीं। जब पुलिस ने उसके साथ पूछतांछ करनी शुरू की तो उसके जवाब सामान्य नहीं थे। पास-पड़ोस में बात करने पर पता चला कि उस महिला का बर्ताव असामान्य रहा है। उसको मोहल्ले में कभी किसी और के साथ बात करते नहीं देखा गया है। वह हमेशा अपने नाती के साथ ही दिखी है। 
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विक्षिप्त अवस्था में दिख रहीं मिथिलेश जब पुलिस को मौत के कारणों के बारे में कोई जानकारी नहीं दे सकीं तो पडोसियों की सहायता से उनकी बड़ी पुत्री ममता जिनकी शादी लखीमपुर खीरी में हुई थी बुलाया गया। उन्होंने ही मिथिलेश कुमारी और उस युवक के बारे में जानकारी दी। 
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कैसे हुई प्रियांशु की मौत 

प्रियांशु की मौत कैसे हुई, इस बारे में अभी साफ नहीं हुआ है। लाश इतनी सड़ और गल चुकी थी कि पोस्टमार्टम में इस बात का पता नहीं लग सका कि मौत होने की वजह क्या थी। पुलिस के अनुसार कुछ दूसरे तरीकों से यह जानने की कोशिश की जाएगी कि मौत की वजह क्या थी। डॉक्टरों ने जरुर स्पष्ट किया है कि मौत आठ से दस दिन पहले हुई थी। 

पड़ोस के लोगों ने बताया कि उस घर में ना तो कोई आता था और ना ही जाता। तो यह कह पाना मुश्किल है कि यह गेट कितने दिन से बंद था। चूंकि किसी तरह की कोई आवाजें बाहर नहीं आईं इसलिए किसी का ध्यान घर की तरफ गया ही नहीं।

घर में हुई हैं कई मौतें, कुछ बन गईं रहस्य 

जैसे 17 साल के प्रियांशु की मौत रहस्यमयी है वैसे इस परिवार में कुछ और मौतें हैं जो रहस्यमयी हैं। 65 साल की उन वृद्वा की दो शादियां हुई हैं। पहली शादी से उन्हें दो लड़के और दो लड़कियां हुईं। पहले पति की मौत हुई। बाद में एक बेटी और दामाद की। बेटी दामाद के मरने के बाद उनका यह बच्चा नानी के साथ आकर रहने लगा। 

बेटी और दामाद की मृत्यु के बाद उनके दो बेटे एक के बाद एक लापता हो गए। दीपू और अरुण नाम के दोनों बेटे विवाहित थे। वह घर से निकले और कभी भी लौटकर नहीं आए। चार में से तीन संतानों के निधन के बाद मिथिलेश उर्फ रानी देवी नाम की यह वृद्वा बदहवास सी रहने लगीं। अभी उनकी सिर्फ एक ही बेटी ममता जीवित है। 

बड़ी बेटी ममता ने बताई पूरे परिवार की कहानी 

बकौल ममता रानी देवी का पहला विवाह महेंद्र मोहन अग्निहोत्री से हुआ था। जिनसे दो पुत्री ममता, रजनी और दो पुत्र दीपू एवं अरुण थे। रजनी व उसके पति राजीव के निधन के बाद उनका पुत्र प्रियांशु अपनी नानी के पास रह रहा था। ममता ने बताया कि बीते दस वर्षों के दौरान रानी देवी के पुत्र दीपू बरेली से और अरुण बाराबंकी से संदिग्ध हालातों में लापता हो गए थे। वह दोनों विवाहित थे। उनकी पत्नियों ने कुछ समय तक तो उनका इंतजार किया। बाद में वह इस घर को छोड़कर अपने-अपने मायके चली गईं। 

अपने पहले पति के मरने के बाद रानी देवी ने दूसरा विवाह संत नारायण वर्मा से किया। वह आरपीएफ में थे। उनसे और रानी से कोई संतान नहीं हुई। दूसरे पति के मरने के बाद उनकी पेंशन से रानी देवी का गुजारा चलता रहा। रानी के साथ ही उनका नाती रह रहा था। 

साये की तरह हर पल नाती के साथ रहती थीं

दोनों बेटों के गायब हो जाने। एक बेटी और दामाद के ना रहने के बाद वृद्वा पूरी तरह से विक्षिप्त हो चुकी थीं। वह अपने नाती प्रियांशु के साथ हर पल एक साये की तरह रहती थीं। उसे कहीं अकेले ना भेजतीं। प्रियांशु को अपने पास रखने की नियत से उन्होंने उसका स्कूल छुड़वा दिया। कभी बाजार जाना हुआ तो वह नाती का हाथ पकड़कर ही चलतीं। 


पड़ोसियों के अनुसार उनके हाव-भाव विक्षप्तों जैसे थे। वह नाती प्रियांशु से एक पल खुद को अलग नहीं करती थीं। जब पुलिस ने उन्हें बताया कि वह प्रियांशु मर चुका है तब भी उन्हें इस बात पर विश्वास नहीं था। वह अभी भी प्रियांशु के लौट आने की बात कह रही हैं। पुलिस के अनुसार अभी मिथिलेश कुमारी के हाव-भाव सामान्य नहीं हैं लेकिन उन्होंने घर छोड़कर कहीं और जाने से मना कर दिया है। मामले की जांच कर रहे है इंस्पेक्टर संजय मौर्य ने बताया कि मामले में जांच की जा रही है। फिलहाल महिला अपने घर पर है जो कुछ बता पाने में सक्षम नहीं है।

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