{"_id":"607db044c4e0b1059835e5c3","slug":"stf-will-stop-black-marketing-of-life-saving-drugs-hoarding-is-being-done-from-other-states","type":"story","status":"publish","title_hn":"जीवन रक्षक दवाओं की कालाबाजारी रोकेगी एसटीएफ, अन्य राज्यों से लाकर की जा रही जमाखोरी","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम","slug":"crime"}}
जीवन रक्षक दवाओं की कालाबाजारी रोकेगी एसटीएफ, अन्य राज्यों से लाकर की जा रही जमाखोरी
Tue, 20 Apr 2021 11:33 AM IST
पंकज श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Tue, 20 Apr 2021 11:33 AM IST
सार
यूपी एसटीएफ प्रदेश में जीवन रक्षक दवाओं की कालाबाजारी और जमाखोरी रोकेगी।
विज्ञापन
एसटीएफ
- फोटो : सोशल मीडिया
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
यूपी एसटीएफ प्रदेश में जीवन रक्षक दवाओं की कालाबाजारी और जमाखोरी रोकेगी। एसटीएफ ने एडीजी अमिताभ यश ने सभी यूनिटों निर्देश दिए हैं कि संबंधित इनपुट मिलने पर तत्काल कार्रवाई की जाए।
यश ने बताया कि जिनके पास पहले जीवन रक्षक दवाएं थीं, उन्होंने मांग बढ़ने पर कालाबाजारी शुरू कर दी। वहीं, ड्रग्स माफिया भी सक्रिय हो गए और दूसरे राज्यों से दवाओं की कालाबाजारी करने लगे। नतीजतन 3500 रुपये के एमआरपी पर मिलने वाली रेमडेसिविर इंजेक्शन कानपुर में सात-सात हजार रुपये में बिक रही थी। मिलिट्री इंटेलीजेंस के इनपुट पर कानपुर में रेमडेसिविर के 265 इंजेक्शन जब्त किए गए।
रेमडेसिविर के लिए लोग मुंहमांगी दाम देने को तैयार
एडीजी ने बताया कि रेमडेसिविर इंजेक्शन कोरोना संक्रमितों के लिए कारगार दवाओं में से एक है। एक इंजेक्शन के लिए महाराष्ट्र में लोग 60 से 70 हजार रुपये तक देने को तैयार हैं। इसको देखते हुए लोग यूपी में भी कालाबाजारी करने की कोशिश कर रहे हैं। एसटीएफ इन पर निगाह रख रही है। इनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
यश ने बताया कि जिनके पास पहले जीवन रक्षक दवाएं थीं, उन्होंने मांग बढ़ने पर कालाबाजारी शुरू कर दी। वहीं, ड्रग्स माफिया भी सक्रिय हो गए और दूसरे राज्यों से दवाओं की कालाबाजारी करने लगे। नतीजतन 3500 रुपये के एमआरपी पर मिलने वाली रेमडेसिविर इंजेक्शन कानपुर में सात-सात हजार रुपये में बिक रही थी। मिलिट्री इंटेलीजेंस के इनपुट पर कानपुर में रेमडेसिविर के 265 इंजेक्शन जब्त किए गए।
विज्ञापन
रेमडेसिविर के लिए लोग मुंहमांगी दाम देने को तैयार
एडीजी ने बताया कि रेमडेसिविर इंजेक्शन कोरोना संक्रमितों के लिए कारगार दवाओं में से एक है। एक इंजेक्शन के लिए महाराष्ट्र में लोग 60 से 70 हजार रुपये तक देने को तैयार हैं। इसको देखते हुए लोग यूपी में भी कालाबाजारी करने की कोशिश कर रहे हैं। एसटीएफ इन पर निगाह रख रही है। इनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन