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दरोगा भर्ती मामला: एसटीएफ के हाथ लगे अहम सुराग, जल्द करेंगे खुलासा
ब्यूरो/अमरउजाला, लखनऊ
Updated Fri, 28 Jul 2017 04:47 PM IST
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डेमो
- फोटो : डेमो पिक
दरोगा भर्ती परीक्षा 2016 का ऑनलाइन पेपर लीक होने के मामले की जांच कर रही एसटीएफ को अहम सुराग हाथ लगे हैं। इसके बाद परीक्षा कराने वाली एजेंसी एनएसईआईटी के अधिकारियों को मुंबई से लखनऊ बुलाया लिया गया है।
इस बीच पहले भी कुछ परीक्षाओं का पेपर लीक कराने में शामिल रहे गैंग पर भी नजर रखी जा रही है। एसटीएफ के अधिकारियों का दावा है कि वह जल्द ही इस मामले में कुछ खुलासा कर सकते हैं।आईजी एसटीएफ अमिताभ यश ने बताया कि हम एजेंसी के साथ ही परीक्षा केंद्रों की भी जांच कर रहे हैं।
यह पता लगाया जा रहा है कि वहां का सिस्टम कितना सुरक्षित था। इस बीच जानकारों का कहना है कि परीक्षा केंद्र के कंप्यूटरों पर विशेष तरह सॉफ्टवेयर के जरिए ऑनलाइन पेपर को डाउनलोड किया जा सकता है। यही नहीं वाईफाई या अन्य लोकल एरिया नेटवर्किंग (एलएएन) के जरिए भी क्या कोई सेंटर हैक किया जा सकता है।
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अमिताभ का कहना है कि हम पहले यह पता लगाएंगे कि चूक सेंटर से हुई या सर्वर से। परीक्षा का पूरा सिस्टम समझने के लिए एनएसईआईटी के विशेषज्ञों को लखनऊ बुला लिया गया है। एजेंसी ने इस मामले में अपने स्तर से क्या जानकारी जुटाई उसका ब्योरा उनसे लिया जा रहा है।
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इस बीच पहले भी कुछ परीक्षाओं का पेपर लीक कराने में शामिल रहे गैंग पर भी नजर रखी जा रही है। एसटीएफ के अधिकारियों का दावा है कि वह जल्द ही इस मामले में कुछ खुलासा कर सकते हैं।आईजी एसटीएफ अमिताभ यश ने बताया कि हम एजेंसी के साथ ही परीक्षा केंद्रों की भी जांच कर रहे हैं।
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यह पता लगाया जा रहा है कि वहां का सिस्टम कितना सुरक्षित था। इस बीच जानकारों का कहना है कि परीक्षा केंद्र के कंप्यूटरों पर विशेष तरह सॉफ्टवेयर के जरिए ऑनलाइन पेपर को डाउनलोड किया जा सकता है। यही नहीं वाईफाई या अन्य लोकल एरिया नेटवर्किंग (एलएएन) के जरिए भी क्या कोई सेंटर हैक किया जा सकता है।
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अमिताभ का कहना है कि हम पहले यह पता लगाएंगे कि चूक सेंटर से हुई या सर्वर से। परीक्षा का पूरा सिस्टम समझने के लिए एनएसईआईटी के विशेषज्ञों को लखनऊ बुला लिया गया है। एजेंसी ने इस मामले में अपने स्तर से क्या जानकारी जुटाई उसका ब्योरा उनसे लिया जा रहा है।
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एसटीएफ लेगी अन्य विशेषज्ञों की भी मदद
डेमो
तकनीकी सपोर्ट मजबूत करने के लिए दूसरे जनपदों में तैनात साइबर एक्सपर्ट की टीम भी एसटीएफ के साथ लगी है। यह विशेषज्ञ उन आईपी एड्रेस की जांच करेंगे जो संदिग्ध पाए गये हैं। पता चला है कि कुछ प्रॉक्सी आईपी के जरिए सर्वर तक पहुंचने की कोशिश की गई। यह आईपी कहां किस कंप्यूटर पर इस्तेमाल हो रही थी इसका पता किया जा रहा है।
परीक्षा एजेंसी एनएसईआईटी का सर्वर मुंबई में है। अगर इसकी पूरी जांच कराई गई तो इसमें काफी समय लगेगा। इसलिए एसटीएफ के अधिकारियों ने उसी एजेंसी के एक्सपर्ट से जांच कराने की तैयारी की है। यह लोग सर्वर से परिचित हैं और मांगी गई जानकारी कहीं ज्यादा जल्दी उपलब्ध करा सकते हैं।
इस घटना से एनएसईआईटी की साख भी दांव पर है। कई बड़ी परीक्षाओं का आयोजन करने और साइबर सिक्योरिटी के क्षेत्र में सबसे मजबूत मानी जाने वाली एजेंसी पर भी पेपर लीक होने से संदेह के घेरे में आ गई है। एक अधिकारी का कहना है कि अधिकारियों और कर्मचारियों की पूरी चेन में कौन सी कड़ी कमजोर थी यह पता किया जा रहा है।
परीक्षा एजेंसी एनएसईआईटी का सर्वर मुंबई में है। अगर इसकी पूरी जांच कराई गई तो इसमें काफी समय लगेगा। इसलिए एसटीएफ के अधिकारियों ने उसी एजेंसी के एक्सपर्ट से जांच कराने की तैयारी की है। यह लोग सर्वर से परिचित हैं और मांगी गई जानकारी कहीं ज्यादा जल्दी उपलब्ध करा सकते हैं।
इस घटना से एनएसईआईटी की साख भी दांव पर है। कई बड़ी परीक्षाओं का आयोजन करने और साइबर सिक्योरिटी के क्षेत्र में सबसे मजबूत मानी जाने वाली एजेंसी पर भी पेपर लीक होने से संदेह के घेरे में आ गई है। एक अधिकारी का कहना है कि अधिकारियों और कर्मचारियों की पूरी चेन में कौन सी कड़ी कमजोर थी यह पता किया जा रहा है।