लखनऊ में छिपे हैं पाकिस्तानी जासूस इजाज के कई मददगार
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आईएसआई एजेंट इजाज के लखनऊ के संपर्कों की तलाश शुरू हो गई है। उसके फरवरी 2014 में लखनऊ में एक सप्ताह रुके होने की पुख्ता सूचना के बाद यह कवायद शुरू की गई है।
इस बीच एसटीएफ के अधिकारी कोलकाता एसटीएफ व आईबी के अफसरों से संपर्क में हैं। यह जानने की कोशिश हो रही है कि इजाज अपने किस साथी के साथ लखनऊ आया था।
अब तक उसके इस अनजान साथी का रहस्य नहीं खुल सका है, जिसके साथ व एक सप्ताह तक कोलकाता और फिर लखनऊ में रुका। इतना ही पता चल सका है कि उसका यह साथी बाद में बंगलादेश चला गया था।
कोलकाता एसटीएफ इस जानकारी को वहां दबोचे गए इजाज के तीन साथियों से पता करने की कोशिश कर रही है। इजाज और उसके साथियों ने कोलकाता में रुकने के दौरान इन तीनों से संपर्क किया था।
लखनऊ में दो लोगों से किया था संपर्क
एसटीएफ के सूत्रों का कहना है कि केंद्रीय खुफिया एज़ेंसी को अभी यह पता चला है कि इजाज ने लखनऊ में कम से कम दो लोगों से संपर्क किया था। लेकिन किनसे संपर्क किया यह स्पष्ट नहीं हो सका है।
चूंकि इजाज अपने अनजान साथी के साथ यहां आया था, इसलिए इस बात का भी अंदेशा है कि जिनसे यहां मुलाकात हुई, वे आईएसआई के तार से जुड़े रहे हों और इजाज के अनजान साथी की इनसे पुरानी पहचान रही हो। इससे इस बात का भी अंदेशा हो रहा है कि आईएसआई से सीधे जुड़े यह लोग एक अरसे से लखनऊ में सक्रिय रहे हों।
इस बीच एसटीएफ इजाज की लखनऊ में मौजूदगी के दौरान फरवरी 2014 में चारबाग रेलवे स्टेशन से लेकर कैंट क्षेत्र के विभिन्न टावरों से होकर की गई कॉलों का ब्यौरा हासिल करने की कोशिश में है। इस ब्यौरे से एसटीएफ इजाज के मोबाइल नंबर के नंबर तलाशने की कोशिश में है, जिससे यह पता चल सके कि यहां आकर उसने किस-किस से संपर्क किया।