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हेलो राइड कंपनी के बाहुबली व बादशाह ग्रुप के प्रेसीडेंट गिरफ्तार

Sun, 12 Sep 2021 12:26 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sun, 12 Sep 2021 12:26 AM IST
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STF and police arrested two fraudster
एसटीएफ व विभूतिखंड पुलिस ने ठग कंपनी हेलो राइड लिमिटेड के बाहुबली ग्रुप के प्रेसीडेंट देवेश कुमार यादव उर्फ बाहुबली और बादशाह ग्रुप के प्रेसीडेंट रामजनक मौर्य को शनिवार देर रात भरवारा रेलवे क्रॉसिंग के पास से गिरफ्तार कर लिया।
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एसटीएफ के मुताबिक, निवेशकों के 500 करोड़ रुपये लेकर कंपनी के भागने के बाद से ही फरार देवेश पर 25 हजार व रामजनक पर 15 हजार का इनाम घोषित था।
आरोपियों के पास से तीन मोबाइल फोन, दो आधार कार्ड, एक पैन कार्ड, पांच एटीएम कार्ड, एक मकान की रजिस्ट्री की फोटोकॉपी, 1,590 नकदी व दो कारें बरामद हुई हैं।
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एसटीएफ की पूछताछ में आरोपी देवेश ने कुबूला कि वर्ष 2018 में उसने इनफिनिटी वर्ल्ड इंफ्रा वेंचर प्रा. लि. नाम से रीयल एस्टेट कंपनी बनाकर सस्ते दाम पर प्लॉट दिलाने के नाम पर लोगों से रकम जमा करानी शुरू की थी।
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इसी कंपनी में डायरेक्टर रहे अभय कुशवाहा, नीलम वर्मा, आजम सिद्दीकी व शकील अहमद खान ने बाद में हेलो राइड कंपनी बना ली थी।
विभूतिखंड स्थित साइबर हाइट्स के आठवें तल पर हेलो राइड का ऑफिस था। ये कंपनी 61 हजार रुपये जमा करने पर 12 महीने तक प्रतिमाह 9,582 रुपये (कुल 1,14,984) देने का ऑफर देकर निवेशकों से रकम जमा करा रही थी।
निवेश कराने के लिए करीब 1,500 लोगों की कुल सात टीमें थीं। इन्हीं टीमों में देवेश कुमार यादव निवासी भगवंत नगर, थाना विहार, उन्नाव व हाल पता विकास विहार, ग्रीन सिटी, छोटा भरवारा का बाहुबली ग्रुप था।
ग्रुप के 200 लोगों के जरिए देवेश ने करीब 500 लोगों से 20 करोड़ निवेश कराकर 1.80 करोड़ का कमीशन पाया था।
इसी तरह रामजनक मौर्य निवासी ग्राम नगर, थाना आसपुर देवसरा, प्रतापगढ़ व हाल पता सेक्टर छह, वृंदावन योजना ने अपने बादशाह ग्रुप के 200 लोगों की मदद से 18 करोड़ निवेश कराकर 1.60 करोड़ कमीशन लिया था।
एसटीएफ के मुताबिक, हेलो राइड कंपनी के भागने पर मास्टरमाइंड व उसकी टीम के साथ ही निवेश कराने वाले देवेश व रामजनक के खिलाफ भी विभूतिखंड थाने में विभिन्न धाराओं में चार मुकदमे दर्ज हुए थे। दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश करके जेल भेजा गया है।

फरारी काटते वक्त भी करते रहे ‘खेल’
एसटीएफ के मुताबिक, देवेश ने पूछताछ में कुबूला कि वो इन दिनों इलाइट विवान प्रा. लि. नाम से रीयल एस्टेट कंपनी बनाकर सस्ते प्लॉट के नाम पर लोगों से रकम जमा करा रहा था। वहीं, फरारी के दौरान रामजनक मौर्य ने फिश फॉर्च्यून नाम की कंपनी में मत्स्य पालन के लिए करीब सौ लोगों से 5.50 लाख रुपये प्रति तालाब की दर से निवेश कराया। इसके बाद निवेश करने वाले किसानों को 70 हजार रुपये प्रतिमाह व रामजनक को एक प्रतिशत कमीशन प्रतिमाह मिलता था। मगर फिश फॉर्च्यून भी भाग गई। रामजनक दिल्ली में छिपकर रह रहा था। शुक्रवार को वह देवेश से मिलने भरवारा आया तभी एसटीएफ ने दोनों को दबोच लिया।
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