{"_id":"6554b86231841b6ccb03f624","slug":"sports-persons-will-get-treatment-in-government-medical-colleges-in-uttar-pradesh-2023-11-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"UP News: सरकारी मेडिकल कॉलेजों में खिलाड़ियों को मिलेगा इलाज, इंजरी विभाग खोले जाएंगे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
UP News: सरकारी मेडिकल कॉलेजों में खिलाड़ियों को मिलेगा इलाज, इंजरी विभाग खोले जाएंगे
Wed, 15 Nov 2023 05:54 PM IST
ishwar ashish
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Wed, 15 Nov 2023 05:54 PM IST
सार
यूपी के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में खिलाड़ियों को भी इलाज दिया जाएगा। इस संबंध में प्रदेश के उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने निर्देश दिए हैं।
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर।
- फोटो : Social Media
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
यूपी के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में अब खिलाड़ियों को भी इलाज मिलेगा। इसके लिए सभी मेडिकल कॉलेजों में स्पोर्ट्स इंजरी विभाग खुलेगा। इसमें खेलकूद के दौरान लगने वाली चोट का इलाज किया जाएगा। दूरबीन विधि से ऑपरेशन की सुविधा भी उपलब्ध होगी।
विज्ञापन
चुनिंदा कॉलेजों में है इलाज की सुविधा
अभी प्रदेश के चुनिंदा मेडिकल संस्थानों में खिलाड़ियों के इलाज की सुविधा है। इसमें किंग जार्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) व मेरठ मेडिकल कॉलेज समेत दूसरे मेडिकल संस्थान शामिल हैं। खिलाड़ियों को उनके जिले में बेहतर इलाज मुहैया कराने की दिशा में कवायद शुरू की गई है। इस संबंध में सभी मेडिकल कॉलेजों में स्पोर्ट्स इंजरी विभाग खोले जाएंगे। इसमें दूरबीन विधि से ऑपरेशन की सुविधा भी होगी। नेशनल मेडिकल कमीशन (एनएमसी) के मानकों के आधार पर विभाग या यूनिट का संचालन किया जाएगा। इसके लिए कॉलेज प्रशासन से जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें - सहारा श्री सुब्रत रॉय: अरसे से चल रहे थे बीमार, अंतिम समय में न बेटे साथ थे न ही पत्नी, सभी विदेश में सेटल
विज्ञापन
ये भी पढ़ें - विदाई सहारा श्री की: खामोशी से विदा हो गया यूपी का शो मैन, मौत के बाद कैसे संभलेगा अरबों का साम्राज्य
समय पर मिलेगा इलाज
कुश्ती, क्रिकेट, हॉकी, वॉली बॉल, फुटबॉल समेत दूसरे खेलकूद की गतिविधियों में खिलाड़ियों को चोट लग जाती है। समुचित इलाज के लिए खिलाड़ियों को काफी भटकना पड़ता है। इसमें खिलाड़ियों का काफी समय बेकार हो जाता है। समय पर इलाज न मिलने से काफी दिक्कतें होती हैं। दर्द भी सहन करना पड़ता है। सभी मेडिकल कॉलेजों में खिलाड़ियों को इलाज मिलने से काफी राहत मिलेगी।
डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने कहा कि आम जनमानस के साथ प्रदेश के खिलाड़ियों को भी बेहतर उपचार उपलब्ध कराने की दिशा में प्रयास किया जा रहा है। इसमें ऑपरेशन तक की सुविधा उपलब्ध होगी। इस दिशा में मेडिकल संस्थानों को जरूरी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। डॉक्टर व पैरामेडिकल स्टाफ को प्रशिक्षण भी प्रदान किया जायेगा। केजीएमयू व दूसरे संस्थानों में प्रशिक्षण हासिल कर सकेंगे।