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विधानसभा अध्यक्ष ने कहा : संसद की तर्ज पर चुना जाएगा सर्वश्रेष्ठ विधायक, नियमावली में संशोधन होगा
Thu, 10 Nov 2022 01:01 AM IST
पंकज श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Thu, 10 Nov 2022 01:01 AM IST
सार
महाना ने कहा कि विधानसभा नियमावली 1958 में अब बदलाव की जरूरत है। इस पर 65 साल बाद काम किया जा रहा है। उम्मीद है कि नए वर्ष के पहले सत्र में इसे सदन में रखा जा सकेगा।
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यूपी विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना।
- फोटो : amar ujala
विस्तार
विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने कहा कि संसद की तर्ज पर उत्तर प्रदेश विधानसभा में भी सर्वश्रेष्ठ विधायक चुना जाएगा। उन्होंने कहा कि विधानसभा सदस्यों को क्षेत्र का विकास तथा जनसेवा करनी चाहिए। महाना ने बुधवार को शोध उपाधि धारक और पूर्व शासकीय सेवा में रहे विधायकों के साथ बैठक की।
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महाना ने कहा कि विधानसभा नियमावली 1958 में अब बदलाव की जरूरत है। इस पर 65 साल बाद काम किया जा रहा है। उम्मीद है कि नए वर्ष के पहले सत्र में इसे सदन में रखा जा सकेगा। विधानसभा एक परिवार की तरह है। इसमें अच्छे और कुछ कम अच्छे विधायक हो सकते हैं। लेकिन, हमें अपने परिवार की तरह सबकी चिंता करनी है। विधानसभा अध्यक्ष ने कहा पक्ष-विपक्ष की जो जिम्मेदारी है। वह हमें एकजुटता के साथ निभाना चाहिए।
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सदस्यों को यह नहीं दिखाना है कि कौन कितना बेहतर है बल्कि हम क्या और बेहतर कर सकते हैं। इस पर काम होना चाहिए। सपा विधायक दल के मुख्य सचेतक मनोज पांडेय, गैसड़ी विधायक एसपी यादव, देवरिया विधायक शलभ मणि त्रिपाठी, आशीष सिंह आशू, मनोज कुमार प्रजापति, ब्रजभूषण राजपूत, डॉ. पल्लवी पटेल, डॉ. नीलकंठ तिवारी ने भी विचार रखे।
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सचिवालय की जगह मंत्रालय हो
पूर्व एडीजी एवं समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण ने कहा कि आजादी के बाद भी सरकारी तंत्र में परिवर्तन न होने के कारण भी दिक्कतें होती हैं। आजादी के बाद जो भी सरकारें आई उन्होंने इस तंत्र को बदलने का प्रयास नहीं किया। यूपी में अब भी सचिवालय कहा जाता है जबकि कई राज्यों में अब इसे मंत्रालय कहा जाने लगा है। उन्होंने कहा कि इसमें भी बदलाव की आवश्यकता है।