याकूब की पत्नी को सांसद बनाने की मांग करने वाले सपा उपाध्यक्ष 'टंगे'
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चार अगस्त को उन्हें पार्टी से बाहर किया जा सकता है। दरअसल घोसी ने दस्यु सुंदरी फूलन देवी और मुंबई बम धमाके में आरोप मुक्त हुए अबू आसिम आजमी की तर्ज पर याकूब मेमन की पत्नी राहीन को भी सांसद बनाने की मांग रखी थी।
सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव को लिखे पत्र में घोसी ने सन 1993 मुंबई बम धमाके के मुजरिम याकूब मेमन की पत्नी राहीन को सांसद बनाने की मांग की थी। राहीन के पति याकूब को 30 जुलाई को फांसी दे दी गई है। घोसी का कहना है कि समाजवादी होने के कारण उन्होंने अपने मन की बात कही है और यह उनकी निजी राय है।
घोसी ने कहा कि मुलायम सिंह यादव ने फूलन देवी और मुंबई बम धमाके में आरोपमुक्त होने के बाद अबू आसिम आजमी को सांसद बनाया। इससे पहले अबू आसिम आजमी ने राज्यपाल से मिलकर याकूब की फांसी रोकने की मांग की थी।
आजमी के बेटे ने सलमान के ट्वीट का किया था समर्थन
आजमी के बेटे फरहान आजमी ने भी याकूब की फांसी को लेकर फिल्म अभिनेता सलमान के ट्वीट के समर्थन में बांद्रा में प्रदर्शन किया था।
फारूख को लगा कि याकूब मेमन का समर्थन करना पार्टी लाइन का हिस्सा है, तो उनकी पत्नी को सांसद बनाने की मांग करना गलत नहीं होगा। अब कार्रवाई होने के बाद सपा के ही कुछ लोग इसे पार्टी का दोहरा मापदंड बता रहे हैं।
घोसी ने पत्र में लिखा है कि याकूब मेमन की फांसी के बाद उसके मन में कुछ सवाल खड़े हो रहे हैं, उसी से परेशान होकर यह पत्र लिखा है। मुंबई बम धमाके में याकूब के साथ ही उसकी पत्नी राहीन भी गिरफ्तार हुई थी।
कोर्ट ने याकूब को दोषी करार दिया जबकि राहीन को बरी कर दिया था। उन्होंने लिखा है कि राहीन ने सालों तक जेल में रहकर कई तकलीफें सही होंगी। याकूब को फांसी देने के बाद कई मुस्लिम अपने को असहाय महसूस कर रहे हैं।
पत्र में मुलायम सिंह यादव को महिमामंडित करते हुए लिखा है कि राहीन को संसद सदस्य बनाकर लोगों की आवाज बनने देना चाहिए। घोसी उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री आजम खां के करीबी बताए जाते हैं।
मुलायम को नहीं मीडिया को भेजा पत्र
घोषी ने राहीन याकूब मेमन को संसद सदस्य बनाने का अनुरोध पत्र सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव को नहीं भेजा बल्कि मीडिया की सुर्खियों में आने के लिए ऐसा किया।
विधायक अबू आसिम आजमी ने फारूख को पद से हटाए जाने की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि प्रेस को पत्र भेजने से पहले घोसी ने कोई चर्चा भी नहीं की थी। यदि इस तरह की मांग करनी थी, तो वह पहले पार्टी सुप्रीमो से मिलते। उसके बाद कोई पत्र लिखते।
अबू आसिम के निजी सचिव ने बताया कि फिलहाल फारूख उपाध्यक्ष पद से हटाए गए हैं। उन्हें पार्टी से निलंबित भी किया जाएगा। इसके लिए कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। चार अगस्त को पार्टी की बैठक बुलाई गई है। इसमें फारूख के खिलाफ कार्रवाई पर मुहर लगेगी।