मोदी के गढ़ में भाजपाइयों को चुनौती देंगे सपाई
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र में समाजवादियों की सबसे बड़ी जुटान की तैयारी है। आयोजन काशी के तेजतर्रार नेता राजनारायण की पुण्यतिथि पर 31 दिसंबर को बेनियाबाग मैदान में होगा। उत्तर प्रदेश और बिहार के भूले-बिसरे समाजवादियों को बुलाने के लिए हर जिले में सूची तैयार की जा रही है।
जानकारों का कहना है कि राजनारायण के नाम पर होने वाले इस आयोजन का असल मकसद समाजवाद का गढ़ रहे पूर्वांचल में भाजपा के बढ़ते प्रभाव को रोकना है। समारोह में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के भी शिरकत करने की संभावना है।
लोकसभा चुनाव के बाद समाजवादियों का गढ़ माने जाने वाले पूर्वांचल में भाजपा का दबदबा बढ़ा है। इससे चिंतित समाजवादी नेता गोलबंद होने की तैयारी कर रहे हैं। इसके लिए पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को न्यायालय और चुनाव में शिकस्त देने वाले समाजवादी नेता राजनारायण का सहारा लिया जा रहा है।
सपा के राष्ट्रीय महासचिव कुंवर रेवती रमण सिंह की पहल पर राजनारायण की जयंती और पुण्यतिथि मनाने का फैसला किया गया है। जयंती 25 नवंबर को लखनऊ में मनाई जाएगी। पुण्यतिथि पर 31 दिसंबर को बनारस के बेनियाबाग मैदान में श्रद्धांजलि सभा होगी।
इस तरह हो रही है तैयारी
इसमें बिहार और यूपी के समाजवादी विचारों को मानने वाले सभी दलों के लोगों को बुलाने की तैयारी चल रही है। आयोजन को सफल बनाने के प्रदेश को आगरा, गोरखपुर, लखनऊ और वाराणसी जोन में बांटा गया है। चारों जोन की अलग-अलग बैठकें होनी हैं।
बनारस में एक दिसंबर को रामनगर में बैठक होगी जिसमें कार्यक्रम को अंतिम रूप दिया जाएगा। इसके लिए खुद कुंवर रेवती रमण सिंह यहां आएंगे। आयोजन में बिहार और उत्तर प्रदेश के कई सांसद, विधायक हिस्सा लेंगे।
जानकारों के मुताबिक पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में भूमिहार समाज का प्रभाव है। इस समाज में भाजपा का प्रभाव है। ऐसे में राजनारायण के बहाने भूमिहार जाति को भी साधने की तैयारी की जा रही है।