मुलायम, अखिलेश की टोपी वाली फोटो से भी किया ध्रुवीकरण, सपाइयों को समझाई गई भाजपा की रणनीति
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सपा के मुस्लिम विधायकों, पूर्व विधायकों एवं अन्य प्रमुख नेताओं को बुधवार को प्रोजेक्टर पर प्रजेंटेशन के जरिये समझाया गया कि भाजपा कैसे अफवाह फैलाकर, अपने एजेंडे पर चलकर वोटों का ध्रुवीकरण करती है। इस मौके पर सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने आगाह किया कि भाजपा से मुकाबले के लिए समझदारी की जरूरत है।
सपा के प्रदेश कार्यालय में पिछले तीन दिनों से अलग-अलग वर्गों के नेताओं को समझाया जा रहा है कि भाजपा चुनाव के दौरान कैसे षडयंत्र करती है। कैसे वोटों का ध्रुवीकरण कर चुनाव जीतती है।
बुधवार को मुस्लिम नेताओं का नंबर था। प्रजेंटेशन दे रहे सामाजिक-राजनीतिक विश्लेषक ने बताया कि चुनाव के समय पोस्टरों, होर्डिंग्स पर मुलायम सिंह व अखिलेश यादव के टोपी वाले फोटो छापे गए। भाजपा ने इसका भी गलत प्रचार किया और ध्रुवीकरण के लिए इस्तेमाल किया।
योजनाबद्ध तरीके से यादवों के खिलाफ दूसरी पिछड़ी जातियों, मुसलमानों व दलितों को भड़काया गया। इसी को ध्यान में रखकर नारे बनाए जाते हैं। विशेषज्ञ ने कहा, मुस्लिमों के एक-दो नेता इसमें भाजपा के मददगार बन जाते हैं। वे जो बयान देते हैं, भाजपा नेता उसका जबरदस्त प्रचार करते हैं। कथित गौरक्षकों द्वारा पहलू खां की हत्या के बाद एक मुस्लिम नेता के ऐसे ही बयान को भाजपा ने खूब तूल दिया।
भाजपा से लोकतंत्र को खतरा
प्रजेंटेशन के बाद अखिलेश ने भाजपा को लोकतंत्र के लिए खतरा बताया। कहा कि भाजपा भाईचारा तोड़ने, विकास के मुद्दे से ध्यान भटकाने के साथ ही सांप्रदायिकता की आड़ में वोटों के ध्रुवीकरण की साजिश करती है।
उन्होंने भाजपा से समझदारी के साथ सावधान रहने और अपनी भाषा तथा व्यवहार में संयम बरतने की सलाह दी। कहा, भाजपा समाज में कांटे बोती जा रही है तो अमन की खेती कैसे होगी? सपा-बसपा में गठबंधन हुआ तो भाजपा बौखला गई। विपक्ष की जानवरों से तुलना होने लगी। यह राजनीति में नैतिक मूल्यों की गिरावट का उदाहरण है।