यूपी: 'साइकिल' के लिए चिंता में हैं सपा नेता
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जनता परिवार के विलय पर सपा नेता व कार्यकर्ता लगातार नजर रखे हुए हैं।
उन्हें इन दलों का विलय करके नई पार्टी बनाने पर ऐतराज नहीं है लेकिन चुनाव चिह्न ‘साइकिल’ को लेकर उनकी चिंता साफ झलक रही है। वे चाहते हैं कि उनकी ‘साइकिल’ बरकरार रहे।
मुलायम सिंह साफ कर चुके हैं कि अगले कुछ दिनों में जनता परिवार के घटक दलों की एकता होगी।
सपा, जनता दल (यू), इनेलो, सजपा, जनता दल सेकुलर आदि का विलय करके समाजवादी जनता दल (सजद) नाम से नए दल का गठन किया जा सकता है।
नई पार्टी में कहीं मैनेजर न हो जाएं...
बुधवार को सपा की बैठक में कई जिला अध्यक्षों ने विलय से जुड़ी आशंकाओं को उठाया। उनका खास फोकस इस बात पर था कि विलय के बाद नए दल का सिंबल साइकिल ही रहना चाहिए।
यह चुनाव चिह्न बहुत पुराना और लोकप्रिय है। आम से लेकर खास आदमी तक इससे वाकिफ है।
हालांकि उन्होंने कहा कि जनता परिवार की एकता पर ‘नेताजी’ का हर फैसला संगठन को स्वीकार्य होगा। एक अध्यक्ष ने तो यहां तक कहा कि नई पार्टी में कहीं हम मैनेजर न हो जाएं।