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जल्द तोड़े जाएंगे पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश के फेवरेट साइकिल ट्रैक
ब्यूरो/अमरउजाला, लखनऊ
Updated Wed, 05 Jul 2017 01:21 PM IST
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अखिलेश यादव
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सपा सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं में शामिल रहे साइकिल ट्रैक पर अब योगी सरकार की नजरें टेढ़ी हो गई हैं। लिहाजा शहरों में बने साइकिल ट्रैक को समाप्त करने का फैसला किया है।
इस संबंध में नगर विकास मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा है कि मौजूदा समय में साइकिल ट्रैक की न तो उपयोगिता है और न ही आवश्यकता है। जल्द ही इसे समाप्त करने की कार्रवाई शुरू की जाएगी।
उन्होंने कहा कि सबसे पहले साइकिल ट्रैक तोड़ने की कार्रवाई बरेली से की जाएगी। दरअसल, योगी सरकार बनने के साथ ही साइकिल ट्रैक तोड़े जाने की चर्चा शुरू हो गई थी, लेकिन तीन महीने तक सरकार की ओर से इस संबंध में अधिकारिक तौर पर कोई बयान नहीं आया था।
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लेकिन अंदरखाने यह चर्चा जोरों पर थी कि सरकार ने साइकिल ट्रैक को समाप्त करने का मन बना लिया है। इसके पीछे सरकार का मानना है कि साइकिल ट्रैक से जहां यातायात व्यवस्था लड़खड़ा रही है, वहीं जल निकासी एवं नालों की सफाई करने में भी दिक्कतें आ रही हैं।
इसलिए साइकिल ट्रैक को खत्म करना जरूरी है। नगर विकास मंत्री सुरेश खन्ना ने सरकार की मंशा साफ करते हुए कहा कि साइकिल ट्रैक की वजह से सड़के संकरी हो गई हैं। उन्होंने कहा कि जल्द ही शहरों में बने साइकिल ट्रैक को समाप्त करके सड़कों के चौड़ीकरण की कार्रवाई शुरू की जाएगी।
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इस संबंध में नगर विकास मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा है कि मौजूदा समय में साइकिल ट्रैक की न तो उपयोगिता है और न ही आवश्यकता है। जल्द ही इसे समाप्त करने की कार्रवाई शुरू की जाएगी।
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उन्होंने कहा कि सबसे पहले साइकिल ट्रैक तोड़ने की कार्रवाई बरेली से की जाएगी। दरअसल, योगी सरकार बनने के साथ ही साइकिल ट्रैक तोड़े जाने की चर्चा शुरू हो गई थी, लेकिन तीन महीने तक सरकार की ओर से इस संबंध में अधिकारिक तौर पर कोई बयान नहीं आया था।
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लेकिन अंदरखाने यह चर्चा जोरों पर थी कि सरकार ने साइकिल ट्रैक को समाप्त करने का मन बना लिया है। इसके पीछे सरकार का मानना है कि साइकिल ट्रैक से जहां यातायात व्यवस्था लड़खड़ा रही है, वहीं जल निकासी एवं नालों की सफाई करने में भी दिक्कतें आ रही हैं।
इसलिए साइकिल ट्रैक को खत्म करना जरूरी है। नगर विकास मंत्री सुरेश खन्ना ने सरकार की मंशा साफ करते हुए कहा कि साइकिल ट्रैक की वजह से सड़के संकरी हो गई हैं। उन्होंने कहा कि जल्द ही शहरों में बने साइकिल ट्रैक को समाप्त करके सड़कों के चौड़ीकरण की कार्रवाई शुरू की जाएगी।
जहां जरूरत होगी वहीं तोड़ा जाएगा।
मंत्री सुरेश खन्ना
- फोटो : demo pic
जहां साइकिल ट्रैक से दुर्घटनाएं हो रही हैं और सड़कें कम चौड़ी हो गई हैं उसे पहले तोड़ा जाएगा। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि जहां जरूरत होगी साइकिल ट्रैक वहीं तोड़ा जाएगा। माना जा रहा है इस संबंध में नगर विकास विभाग द्वारा आदेश जारी होने के बाद साइकिल ट्रैक तोड़ने की कार्रवाई शुरू होगी।
फैक्ट- साइकिल ट्रैक
- पहले फेज में 35 किमी. साइकिल ट्रैक बन चुका है जिस पर 31 करोड़ रुपये खर्च हुए ।
- दूसरे चरण में 31 किमी. साइकिल ट्रैक बना जिस पर 34 करोड़ रुपये खर्च हुए।
- तीसरे चरण में 204 किमी. साइकिल ट्रैक बनेगा जिस पर 136 करोड़ खर्च होने का अनुमान है। यह काम अभी पूरा नहीं हुआ है।
- 270 किमी. साइकिल ट्रैक प्रस्तावित है लखनऊ में
- 80 लाख रुपये है एक किमी. साइकिल ट्रैक की लागत ।
- 60 प्रतिशत काम एलडीए ने, 40 प्रतिशत पीडब्लूडी ने बनाया।
फैक्ट- साइकिल ट्रैक
- पहले फेज में 35 किमी. साइकिल ट्रैक बन चुका है जिस पर 31 करोड़ रुपये खर्च हुए ।
- दूसरे चरण में 31 किमी. साइकिल ट्रैक बना जिस पर 34 करोड़ रुपये खर्च हुए।
- तीसरे चरण में 204 किमी. साइकिल ट्रैक बनेगा जिस पर 136 करोड़ खर्च होने का अनुमान है। यह काम अभी पूरा नहीं हुआ है।
- 270 किमी. साइकिल ट्रैक प्रस्तावित है लखनऊ में
- 80 लाख रुपये है एक किमी. साइकिल ट्रैक की लागत ।
- 60 प्रतिशत काम एलडीए ने, 40 प्रतिशत पीडब्लूडी ने बनाया।