{"_id":"5e7648fa8ebc3e78c10f0fd5","slug":"sp-chief-akhilesh-yadav-attacks-bjp-govt-for-plans-during-corona-virus-outbreak","type":"story","status":"publish","title_hn":"भाजपा सरकार पर अखिलेश का हमला, बोले- मुफ्त राशन और निशुल्क इलाज की हो व्यवस्था","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
भाजपा सरकार पर अखिलेश का हमला, बोले- मुफ्त राशन और निशुल्क इलाज की हो व्यवस्था
Sat, 21 Mar 2020 10:33 PM IST
प्राची प्रियम
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: प्राची प्रियम
Updated Sat, 21 Mar 2020 10:33 PM IST
विज्ञापन
अखिलेश यादव
- फोटो : amar ujala
समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने शनिवार को कहा कि कोरोना वायरस के संकट में भाजपा की डबल इंजन सरकार को लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ नहीं करना चाहिए। फिलहाल सरकार ने पंजीकृत श्रमिकों को ही राहत देने का एलान किया है। सरकार को ऐसी व्यवस्था करनी चाहिए कि पंजीकरण करवाने वाले मजदूरों के घरों में भी चूल्हा जलता रहे।
विज्ञापन
अखिलेश ने कहा कि सरकार को उन किसानों की भी फिक्र करनी चाहिए जिनकी फसल असमय ओलावृष्टि और बारिश में चौपट हो गई है। अखिलेश ने कहा कि प्रदेश की भाजपा सरकार को असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों, किसानों, रिक्शा चालकों, आटो चालकों और सड़क किनारे छोटे-मोटे सामान या खाद्य पदार्थ बेचने वालों की दशा पर भी संवेदना के साथ विचार करना चाहिए।
विज्ञापन
ये रोज कुंआ खोदते और पानी पीते हैं। सरकार ने अस्पतालों में ओपीडी, जलपान गृह, ढाबे, होटल, मिठाई भंडार, फूड स्टॉल, कॉफी हाउस, कैफे, रेस्त्रां, बाजार, कार्यालय बंद करने समेत तमाम गतिविधियों पर 31 मार्च तक रोक लगाई है। इससे बड़ी आबादी के समक्ष भूखमरी की स्थिति पैदा होने की आशंका है।
विज्ञापन
भाजपा सरकार ने ऐतिहासिक बजट पेश किया है तो उसे जनहित में ऐतिहासिक पैकेज देने में संकोच नहीं करना चाहिए। आधी अधूरी घोषणा से पूरा काम नहीं चलेगा। सरकारों को सुनिश्चित करना होगा कि वंचित और कमजोर समाज का कोई व्यक्ति राहत से छूट न जाए।
सपा अध्यक्ष ने कहा, फिलहाल राज्य सरकार ने पंजीकृत श्रमिकों को ही राहत देने का एलान किया है। किसान परेशान है, असमय बारिश और ओलावृष्टि से उसकी फसल चौपट हो गई है। उसकी जिंदगी फसल की बिक्री पर निर्भर रहती है, लेकिन आपदा ने उम्मीदों पर पानी फेर दिया।
सूदखोरों और बैंकों का कर्ज उस पर अतिरिक्त भार होता है। इसी मजबूरी में वह आत्महत्या करता है। उन्होंने कहा कि ईंट भट्ठों पर काम करने वाले मजदूर, बेलदार और घरेलू काम करने वाली महिलाओं के लिए भी शासन-प्रशासन को कोई न कोई व्यवस्था करनी चाहिए।
अपंजीकृत दिहाड़ी मजदूरों के घर चूल्हा जलता रहे इसके लिए भी सरकार को व्यवस्था करनी चाहिए। अखिलेश यादव ने कहा, कल्याणकारी राज्य में नागरिकों के कुशल-क्षेम की जिम्मेदारी सत्ता प्रतिष्ठान की होती है। प्रदेश व केंद्र में भाजपा की सरकारें हैं।
डबल इंजन की इन सरकारों के रहते प्रदेशवासियों की जिंदगी के साथ खिलवाड़ होना अनुचित और अमानवीय है। राज्य सरकार को चाहिए कि वह सभी लोगों को तत्काल मुफ्त राशन की व्यवस्था करे। बीमारों के निशुल्क इलाज की सुविधा हो।