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मोदी ने बदल दिया सपा का चुनावी ब्लूप्रिंट
राजेंद्र सिंह/लखनऊ
Updated Mon, 21 Oct 2013 02:02 PM IST
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नरेन्द्र मोदी की रैली की कामयाबी देखने के बाद समाजवादी पार्टी ने अपनी रैलियों और रथयात्राओं को लेकर नए सिरे से रणनीति बनाने का फैसला किया है।
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प्रदेश कार्यकारिणी में इसके लिए जिम्मेदारी भी सौंपी जाएगी। फिलहाल, आजमगढ़ और बरेली रैलियों में भारी भीड़ जुटाने का लक्ष्य तय किया जाएगा। ये रैलियां क्रमश: 29 अक्तूबर और नौ नवंबर को होनी हैं।
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सपा संसदीय बोर्ड ने प्रदेश में 18 रैलियां करने का लक्ष्य तय किया था। ये रैलियां मंडल स्तर पर होनी हैं। पहले चरण में दो-तीन मंडलों में एक-एक रैली हो सकती है।
मोदी की रैली का देना है जवाब
आजमगढ़ की रैली में पूर्वांचल के कई जिलों और बरेली, मुरादाबाद मंडलों से भीड़ जुटाने की योजना है। सपा की रणनीति इन रैलियों में भारी तादाद में लोगों को जुटाकर जुटाकर मोदी की रैलियों का जवाब देने की है। उसकी कोशिश यह साबित करने की है कि चुनावी मुकाबले की स्थिति सपा और भाजपा के बीच रहने की संभावना है।
पूरब और पश्चिम की इन दो रैलियों को लेकर सपा नेतृत्व काफी गंभीर है।
सपा का निशाना जाति पर ही
24 अक्तूबर को सपा मुख्यालय से पिछड़ों और अति पिछड़ों की दो अलग-अलग रथयात्राएं प्रारंभ होंगी। ये यात्राएं पूरे प्रदेश भर में घूमेंगी। अधिकांश जिलों में कार्यक्रम होंगे। यात्राओं का समापन 14 दिसंबर को लखनऊ में महारैली के साथ होगा। इन रथयात्राओं के जरिये सपा पिछड़ों, अति पिछड़ों का हितैषी होने का संदेश जाना चाहती है।
सोमवार कार्यकारिणी बैठक में इन यात्राओं की तैयारियों पर भी चर्चा होगी। इसके अलावा कई जिलों में अल्पसंख्यक सम्मेलन हो रहे हैं। कुछ जगह दलित सम्मेलन की भी योजना है। इन्हें लेकर कार्यकारिणी में विचार होगा।
नेताओं से लिया जाएगा फीडबैक
इसके अलावा सपा मुखिया मुजफ्फरनगर हिंसा के बाद पश्चिमी जिलों के नेताओं से फीडबैक लेंगे। अभी तक मुलायम सिंह खुद मुजफ्फरनगर नहीं जा सके हैं। वहां अमन चैन के साथ ही राजनीतिक स्थिति को लेकर भी विचार विमर्श किया जाएगा।
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बैठक में संगठनात्मक ढांचे, बूथ स्तर तक कमेटियों के गठन, प्रत्याशियों की परफारमेंस और लोकसभा चुनाव की सामान्य तैयारियों की समीक्षा भी की जाएगी।
सपा प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी ने बताया कि सपा मुख्यालय पर 21 अक्तूबर को सुबह 10 बजे शुरू होने वाली बैठक में प्रदेश कार्यकारिणी के सभी पदाधिकारियों, सदस्यों, विशेष आमंत्रित सदस्यों और पदेन सदस्यों को बुलाया गया है।
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