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Lucknow News: मरे हुए पिता को दिखाया जिंदा... सात साल तक उठाते रहे पेंशन, ऐसे हुआ साजिश का पर्दाफाश; केस दर्ज
Fri, 06 Feb 2026 04:03 PM IST
भूपेन्द्र सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: भूपेन्द्र सिंह
Updated Fri, 06 Feb 2026 04:03 PM IST
सार
राजधानी में लविवि से रिटायर्ड मृत कर्मी को जीवित दिखाकर बेटे सात साल तक पेंशन लेते रहे। बेटे और पोतों ने तीन फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाए। भतीजे ने पांच के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। आगे पढ़ें पूरी खबर...
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मृत्यु प्रमाण पत्र/ Death Certificate (Demo)
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
राजधानी लखनऊ में कैसरबाग निवासी रामबहादुर पर मृत पिता लविवि से रिटायर्ड कर्मी पुत्तीलाल का फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाकर पेंशन हड़पने का आरोप है। धोखाधड़ी में उसके तीन बेटे और भाई भी शामिल हैं। ये आरोप रामबहादुर के भतीजे बीकेटी के पहाड़पुर निवासी आयुष कुमार ने लगाए हैं। कैसरबाग पुलिस ने पांच आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।
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आयुष के मुताबिक, ताऊ पुत्तीलाल फिजिक्स विभाग में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी थे। वर्ष 2002 में ताऊ सेवानिवृत्त हो गए थे। उनकी मृत्यु 23 दिसंबर 2017 में हो गई थी। आरोप है कि आर्थिक लाभ उठाने के लिए पुत्तीलाल के बेटे रामबहादुर व उनके पोते अभिषेक, विवेक और विशाल ने षड्यंत्र रचा।
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आरोपियों ने ताऊ को दस्तावेजों में वर्ष 2023 तक जीवित दिखाया। फिर रामबहादुर ने अपने ताऊ चुन्नीलाल को पिता जगह दर्शा कर उनका अंगूठा लगवाकर पेंशन लेते रहे। आयुष ने बताया कि चुन्नीलाल को जब धोखाधड़ी की जानकारी हुई तो उन्होंने लविवि में शपथ पत्र दिया।
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पेंशन विभाग की टीम के जांच शुरू करने पर सामने आया कि उनके ताऊ पुत्तीलाल के तीन मृत्यु प्रमाण पत्र बनाए गए थे। इसके जरिये आरोपियों ने करीब सात साल तक पेंशन का लाभ उठाया। मामले की शिकायत कैसरबाग पुलिस से की गई।
इंस्पेक्टर अंजनी मिश्र के मुताबिक, रिपोर्ट दर्ज करके विवेचना शुरू की गई है। फर्जीवाड़े से संबंधित दस्तावेज मांगे गए हैं। साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।