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कई जातियां शामिल होंगी अनुसूचित जनजाति में

Wed, 12 Nov 2014 09:17 AM IST
अजीत बिसारिया/अमर उजाला, लखनऊ
अजीत बिसारिया/अमर उजाला, लखनऊ Updated Wed, 12 Nov 2014 09:17 AM IST
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some castes to be included in ST.

भील और कोल समेत उत्तर प्रदेश की कई जातियों को अनुसूचित जनजाति का दर्जा मिलेगा। जनजातीय मामलों के केंद्रीय मंत्री जुएल उरांव ने कहा कि केंद्र सरकार इस पर संजीदगी से विचार कर रही है।

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नेपाल बॉर्डर पर निवास करने वाली थारू और बुक्सा जनजातियों की बेहतरी के लिए और भी अधिक काम करने की योजना का भी उन्होंने खुलासा किया। इसके लिए सरकार धन की व्यवस्था करेगी।
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राजधानी में मंगलवार को एक कार्यक्रम में भाग लेने आए केंद्रीय मंत्री उरांव ने अपने विभाग की भावी योजनाओं को 'अमर उजाला' के साथ साझा किया। उन्होंने कहा कि यूपी में फिलहाल अनुसूचित जनजातियों की आबादी काफी कम है लेकिन कई ऐसी जातियां हैं जो जनजाति में शामिल होने की शर्तें पूरी करती हैं।
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ये जातियां बरसों से खुद को जनजाति में शामिल करने की मांग कर रही हैं। इनमें भील, कोल और पठानकोल जातियां प्रमुख हैं। जनजाति में शामिल होने की मांग कर रहीं कई जातियों को अनुसूचित जाति में शामिल कर लिया गया है, मगर इतने भर से उन्हें उनका वाजिब हक नहीं मिल सकता।

यूपीए सरकार ने मामले को ठंडे बस्ते में डाला

some castes to be included in ST.

इन जातियों को उनका हक देने के लिए केंद्र सरकार काफी गंभीर है। सभी संबंधित विभागों और आयोगों से रिपोर्ट मांगी गई है। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि यूपी की कुछ जातियां तो गलती से अनुसूचित जाति में शामिल कर दी गई हैं, जबकि ऐतिहासिक कारणों से उन्हें जनजाति का हिस्सा होना चाहिए।

उन्होंने कहा कि अटल सरकार ने इस दिशा में काम शुरू किया था, लेकिन यूपीए के दस साल के कार्यकाल में यह मुद्दा पूरी तरह ठंडे बस्ते में पड़ा रहा।

नेपाल बॉर्डर की जनजातियों को मिलेंगी खास सहूलियतें
नेपाल बॉर्डर पर थारू और बुक्सा जनजातियों के लोगों की तादाद अच्छी खासी है। बुंदेलखंड में भी कुछ जनजातियां हैं। केंद्रीय मंत्री जुएल उरांव ने बताया कि इन जनजातियों के कल्याण के लिए एकलव्य मॉडल स्कूल की तर्ज पर आश्रम पद्धति के स्कूल खोले जाएंगे।

इनमें रहने, खाने और पढ़ाई की मुफ्त व्यवस्था होगी। उन्होंने आदिवासियों के लिए केंद्र सरकार की प्राथमिकता के पांच क्षेत्र भी गिनाए। ये हैं-शिक्षा, स्वास्थ्य, आवाजाही के लिए ठीकठाक रास्ता, पेयजल व साफ-सफाई और बिजली की आपूर्ति।

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