सॉल्वर ने पास कराई लिखित परीक्षा, खुद पहुंचे मेडिकल कराने
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एसएसबी के सिपाहियों की भर्ती में भी सॉल्वरों का खेल चल रहा है। मेडिकल दक्षता परीक्षा में बुधवार को सात ऐसे अभ्यर्थी पकड़े गए जिनकी लिखित परीक्षा सॉल्वर ने पास कराई थी।
पीठासीन अधिकारी ने पीजीआई थाने में रिपोर्ट दर्ज कराने के साथ सातों अभ्यर्थियों को पुलिस के हवाले किया। जिन्हें थाने से निजी मुचलके पर छोड़ा गया है।
एसओ पीजीआई विनोद कुमार यादव ने बताया कि एसएसबी की चतुर्थ वाहिनी के द्वितीय कमान पीठासीन अधिकारी एचके गुप्ता ने देवरिया के रायबारी घाटी निवासी हरिकेश कुमार, लार थाने के गांव इमरी निवासी गिरीश कुमार
गोरखपुर के देवीपुर दुर्गापुर निवासी बृजमोहन यादव, गांव जंगल कौरिया निवासी विवेक कुमार, महाराजगंज के गांव कुशहा निवासी महेश कुमार मौर्या, बिहार के जिला वैशाली निवासी ठाकुर अमरजीत सिंह के खिलाफ जालसाजी का केस दर्ज कराया है।
डिप्टी कमांडेंट का कहना है कि विगत दिनों एसएससी इलाहाबाद द्वारा सीएपीएफएस में कांस्टेबल सामान्य भर्ती की लिखित परीक्षा कराई गई थी।
इसमें चयनित अभ्यर्थियों की मेडिकल दक्षता परीक्षा मंगलवार से एसएसबी की चतुर्थ वाहिनी में चल रही है। दस्तावेज के मिलान पर खुलासा हुआ कि सात अभ्यर्थियों की लिखित परीक्षा किसी और ने दी थी।
दस्तखत में फर्क बताकर लगाया जालसाजी का आरोप
इस पर उन्हें पुलिस के हवाले करके रिपोर्ट दर्ज कराई गई। हरिकेश, गिरीश, बृजमोहन, विवेक, महेश व अमरजीत से अलग-अलग पूछताछ की गई।
सातों ने कहा कि उन्होंने ही शारीरिक दक्षता व लिखित परीक्षा दी थी और मेडिकल दक्षता परीक्षा देने आए थे। अधिकारियों ने दस्तखत में फर्क बताकर जालसाजी का आरोप लगाया।
एसओ विनोद कुमार यादव ने बताया कि सातों अभ्यर्थी खुद का मेडिकल कराने आए थे। ऐसे में वह जालसाजी नहीं कर रहे थे। सातों के हस्ताक्षर, फोटो व हैंडराइटिंग कब्जे में लिया गया है।
लिखित व शारीरिक दक्षता परीक्षा के दौरान अभ्यर्थी के दस्तखत व लेख से उनका मिलान कराया जाएगा। दोनों में अंतर साबित होने पर सॉल्वर की तलाश होगी।
फिलहाल सातों अभ्यर्थियों को तलब करने पर उपस्थित होने की हिदायत के साथ निजी मुचलके पर छोड़ दिया गया है। एसएसबी के अधिकारियों ने सातों अभ्यर्थियों द्वारा सॉल्वरों के गैंग की मदद से लिखित परीक्षा पास करने का अंदेशा जताया है।
पीजीआई थाने में रिपोर्ट दर्ज कराते हुए पीठासीन अधिकारी ने एसओ से कहा कि सातों आरोपी गोरखपुर, देवरिया, महाराजगंज व बिहार के हैं। उनके कनेक्शन आपस में जुड़े होने और इलाके के सॉल्वर की मदद से लिए जाने का शक है।