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Lucknow News: दस दिन डिजिटल अरेस्ट रख समाज सेविका से नौ लाख वसूले
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लखनऊ। खुद को सीबीआई में तैनात आईपीएस अधिकारी बताकर ठग ने महानगर सेक्टर ए निवासी समाज सेविका तरुश्री को दस दिन डिजिटल अरेस्ट रखा। इस दौरान उनसे नौ लाख रुपये ऐंठ लिए। पीड़िता ने साइबर क्राइम थाने में 16 सितंबर को जालसाज के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है।
दर्ज एफआईआर के जरिये 65 वर्षीय तरुश्री ने बताया कि एक सितंबर की शाम करीब पांच बजे उनके पास अनजान नंबर से कॉल आई। आवाज साफ नहीं आने पर कॉल काट दी। इसके दस मिनट बाद उसी नंबर से व्हाट्सएप कॉल आई। फोनकर्ता ने खुद को आईपीएस अफसर बताया और उन पर एक मामले में एफआईआर होने की बात कही। आरोपी ने बताया कि उनकी गिरफ्तारी का वारंट जारी हुआ है। गिरफ्तारी से बचने के लिए पूछताछ में सहयोग करने के नाम पर ठग ने उन्हें डिजिटल अरेस्ट कर लिया। आरोपी उन पर ऑडियो-वीडियो कॉल और मेसेज के जरिये नजर रखने लगा। दस सितंबर को आरोपी ने जांच के लिए उनके खाते में जमा रकम की मांग की। उन्होंने आरोपी के दिए गए दो बैंक खातों में पैसे ट्रांसफर कर दिए।
बेटे की सतर्कता से बच गए और 15 लाख
समाज सेविका ने बताया कि नौ लाख रुपये देने के बावजूद ठग और 15 लाख रुपये देने का दबाव बनाने लगा। इस पर उन्होंने यूएसए में रह रहे अपने बेटे को इसकी जानकारी दी। बेटे ने मामला सुनते ही उनसे ठगी होने की बात कही। उसी ने साइबर क्राइम हेल्प लाइन नंबर पर शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद तरुश्री ने 16 सितंबर को थाने में एफआईआर दर्ज कराई। इंस्पेक्टर आलोक राय ने बताया कि तफ्तीश में पता चला कि ठगों ने मणिपुर से ठगी की है। रकम भी मणिपुर स्थित बैंक में ट्रांसफर की गई है। पुलिस की दो टीमें जल्द वहां के लिए रवाना होंगी।
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दर्ज एफआईआर के जरिये 65 वर्षीय तरुश्री ने बताया कि एक सितंबर की शाम करीब पांच बजे उनके पास अनजान नंबर से कॉल आई। आवाज साफ नहीं आने पर कॉल काट दी। इसके दस मिनट बाद उसी नंबर से व्हाट्सएप कॉल आई। फोनकर्ता ने खुद को आईपीएस अफसर बताया और उन पर एक मामले में एफआईआर होने की बात कही। आरोपी ने बताया कि उनकी गिरफ्तारी का वारंट जारी हुआ है। गिरफ्तारी से बचने के लिए पूछताछ में सहयोग करने के नाम पर ठग ने उन्हें डिजिटल अरेस्ट कर लिया। आरोपी उन पर ऑडियो-वीडियो कॉल और मेसेज के जरिये नजर रखने लगा। दस सितंबर को आरोपी ने जांच के लिए उनके खाते में जमा रकम की मांग की। उन्होंने आरोपी के दिए गए दो बैंक खातों में पैसे ट्रांसफर कर दिए।
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बेटे की सतर्कता से बच गए और 15 लाख
समाज सेविका ने बताया कि नौ लाख रुपये देने के बावजूद ठग और 15 लाख रुपये देने का दबाव बनाने लगा। इस पर उन्होंने यूएसए में रह रहे अपने बेटे को इसकी जानकारी दी। बेटे ने मामला सुनते ही उनसे ठगी होने की बात कही। उसी ने साइबर क्राइम हेल्प लाइन नंबर पर शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद तरुश्री ने 16 सितंबर को थाने में एफआईआर दर्ज कराई। इंस्पेक्टर आलोक राय ने बताया कि तफ्तीश में पता चला कि ठगों ने मणिपुर से ठगी की है। रकम भी मणिपुर स्थित बैंक में ट्रांसफर की गई है। पुलिस की दो टीमें जल्द वहां के लिए रवाना होंगी।
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