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लखनऊ : इंजेक्शन की कालाबाजारी करने वाला गिरोह दबोचा, आरएमएल के डॉक्टर समेत छह गिरफ्तार

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: पंकज श्रीवास्‍तव Updated Thu, 10 Jun 2021 08:52 AM IST

सार

पुलिस ने आरोपियों के पास से लिपोसोमन एम्फोटेरिसिन बी के 28 और रेमडेसिविर के 18 इंजेक्शन, आठ मोबाइल, एक कार, दो बाइक और 16 हजार रुपये बरामद किए हैं।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

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विस्तार

वजीरगंज पुलिस ने बुधवार को रेमडेसिविर और ब्लैक फंगस के इंजेक्शन की कालाबाजारी करने वाले छह आरोपियों को सिटी स्टेशन के पास से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पुलिस ने आरोपियों के पास से लिपोसोमन एम्फोटेरिसिन बी के 28 और रेमडेसिविर के 18 इंजेक्शन, आठ मोबाइल, एक कार, दो बाइक और 16 हजार रुपये बरामद किए हैं। इन आरोपियों में केजीएमयू में तैनात दो संविदाकर्मियों के अलावा आरएमएल आईएमएस इमरजेंसी मेडिसिन में तैनात एक डॉक्टर भी शामिल था।
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वजीरगंज थाना प्रभारी धनंजय पांडेय के मुताबिक, कुछ दिन पहले ही मूल्य से अधिक दाम पर इंजेक्शन बेचे जाने की शिकायत पर पुलिस ने केस दर्ज किया था। मामले की जांच के लिए एक टीम बनाई गई। जांच में सामने आया कि इंजेक्शन की कालाबाजारी करने में केजीएमयू व राममनोहर लोहिया अस्पताल के कर्मचारी और डॉक्टर शामिल हैं। इनका पूरा गिरोह है। इस बीच बुधवार को सूचना मिली कि सिटी स्टेशन के पास स्थित एक निजी होटल में इंजेक्शन की कालाबाजारी को लेकर मीटिंग की जा रही है।


पुलिस ने मौके पर पहुंचकर छह लोगों को इंजेक्शन के साथ गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के मुताबिक, विक्सन फॉर्मास्यूटिकल्स के फ्रेंचाइजी ओनर मो. राकिब, केजीएमयू इमरजेंसी मेडिसिन के संविदाकर्मी मो. आरिफ, केजीएमयू इमरजेंसी मेडिसिन में तैनात संविदाकर्मी टेक्निशियन मो. इमरान, सर्जिकल ग्रुप का सेल्समैन राजेश सिंह, आरएमएल आईएमएस इमरजेंसी मेडिसिन में तैनात डॉ. वामिक हुसैन और चिनहट हॉस्पिटल एंड ट्रॉमा सेंटर में तैनात बलवीर सिंह कालाबाजारी में शामिल थे। पकड़े गए सभी आरोपी मूल रूप से लखनऊ के रहने वाले हैं।

पुलिस टीम को 20 हजार का इनाम
पुलिस के मुताबिक, कोविड महामारी के दौरान जबसे मार्केट में इंजेक्शन की डिमांड बढ़ते ही यह गैंग सक्रिय हो गया था। किसी को शक इसलिए नहीं होता था कि ये लोग अस्पताल में काम करते थे। यह गिरोह जरूरतमंदों को एक इंजेक्शन 20 से 25 हजार रुपये में बेचता था। ब्लैक फंगस के दौरान लिपोसोमन एम्फोटेरिसिन बी की डिमांड बढ़ने पर ये लोग उसे मनमानी कीमत पर बेच रहे थे। पुलिस आयुक्त ने गिरोह को पकड़ने वाली टीम को 20 हजार रुपये का इनाम देने की घोषणा की है।

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